Budget Session: 'पांच साल में कम हुई बेरोजगारी', अंतरिम बजट पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ने बताए ये आंकड़े
Interim Budget 2024: वित्त मंत्री ने अंतरिम बजट 2024 पर लोकसभा में चर्चा के दौरान बताया कि 11 लाख करोड़ रुपये के बजट आउटले में 17% की बढ़ोतरी हुई है। हाईवे, रेलवे, डिफेंस के लिए आवंटन बढ़ाया गया है। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि देश में बेरोजगारी दर 2017-18 के 6% से घटकर 2022-23 में 3.2% रह गई है।
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वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतरिम बजट में किसी भी मद में आवंटन में कटौती नहीं की गई है। यह जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को लोकसभा में दी। वित्त मंत्री ने लोकसभा में कहा कि रिजर्व बैंक के सहिष्णुता बैंड के भीतर खुदरा मुद्रास्फीति स्थिर बनी हुई है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि देश में श्रम बल बढ़ा है, बेरोजगारी दर में कमी आई है। वित्त मंत्री वर्ष 2024-25 के लिए अंतरिम केंद्रीय बजट पर हुए सामान्य चर्चा का जवाब दे रही थीं।
हाईवे, रेलवे, डिफेंस के लिए आवंटन बढ़ाया गया: वित्त मंत्री
इस दौरान वित्त मंत्री ने कहा, "अंतरिम बजट होते हुए भी शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, महिला और बाल विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में किसी का बजट कम नहीं हुआ है, हरेक के लिए आवंटन बढ़ाया गया है।" वित्त मंत्री ने कहा कि 11 लाख करोड़ रुपये के बजट आउटले में 17% की बढ़ोतरी हुई है। हाईवे, रेलवे, डिफेंस के लिए आवंटन बढ़ाया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि स्टेट कैपेक्स लोन स्कीम के लिए, जो 50 साल के लिए ब्याज मुक्त है, 1.30 लाख करोड़ रुपये का आवंटन बरकरार रखा गया है।
सीतारमण बोलीं- देश का श्रम बल 2017-18 की तुलना में 8.1% बढ़ा
वित्त मंत्री ने बताया कि हमारे देश में श्रमबल 2017-18 में 49.8 से बढ़कर 2022-23 में 57.9% हो गया है, जिसमें लगभग 8.1% की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि देश का कार्यबल (वर्क फोर्स) जो 2017-18 में 46.8% था वह वर्ष 2022-23 में 9.2% बढ़कर 56% हो गया। लोकसभा में बोलते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बेरोजगारी से जुड़े आंकड़े भी बताए। उन्होंने कहा कि 2017-18 में बेरोजगारी दर 6% थी, जो 2022-22 में कम होकर 3.2% रह गई है।
24 राज्यों और 150 से अधिक जिलों में विनिर्माण स्थल स्थापित किए जा रहे
वित्त मंत्री ने लोकसभा में कहा कि हमारी सरकार की ओर से लाई गई पीएलआई योजनाओं से 14 क्षेत्रों को लाभ हुआ है। 24 राज्यों और 150 से अधिक जिलों में विनिर्माण स्थल स्थापित किए जा रहे हैं। सरकार ने विनिर्माण क्षेत्र के लिए 2021-22 से शुरू होने वाले पांच वर्षों में लगभग 1.97 लाख करोड़ रुपये का वादा किया है। पीएलआई योजनाओं के तहत 1.07 लाख करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई है। वित्त मंत्री ने कहा, "प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के 7 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पहले ही सृजित किए जा चुके हैं। 3.40 लाख करोड़ रुपये का निर्यात हो रहा है।" वित्त मंत्री ने सदन में बताया कि 8.7 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन और बिक्री हो रही है। 176 एमएसएमई को पीएलआई योजना के प्रत्यक्ष लाभार्थियों के रूप में चुना गया है।