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Indigo Crisis: इंडिगो को भारी पड़ी दिसंबर की अव्यवस्था, यात्रियों को चुकाना पड़ा 22 करोड़ रुपये से ज्यादा
Mon, 02 Feb 2026 09:41 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 02 Feb 2026 09:41 PM IST
सार
IndiGo Compensation News: दिसंबर में फ्लाइट्स रद्द और लेट होने के कारण इंडिगो ने यात्रियों को 22.68 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया। राज्यसभा में सरकार ने इससे जुड़े आंकड़े पेश किए। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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इंडिगो का नया लंबी दूरी का A321XLR विमान
- फोटो : X-@IndiGo6E
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विस्तार
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो को दिसंबर महीने में उड़ानों की भारी अव्यवस्था काफी महंगी पड़ी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा सोमवार को राज्यसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इंडिगो ने यात्रियों को मुआवजे और सुविधाओं के तौर पर अकेले 22.68 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
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यह भारी-भरकम रकम उन यात्रियों को दी गई है जिन्हें फ्लाइट कैंसिल होने, उड़ानों में देरी होने या बोर्डिंग से मना किए जाने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। सरकार ने सदन को बताया कि दिसंबर में सभी घरेलू एयरलाइनों ने कुल मिलाकर 24 करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक मुआवजा दिया, जिसमें से सबसे बड़ा हिस्सा अकेले इंडिगो की जेब से गया है।
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इंडिगो के लिए यह संकट दिसंबर की शुरुआत में गहराया था, जब 3 से 5 दिसंबर के बीच उसकी 2,507 उड़ानें रद्द हुईं और 1,800 से ज्यादा लेट हुईं, जिसका असर 3 लाख से अधिक यात्रियों पर पड़ा था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि डीजीसीए को एयरलाइन के विंटर शेड्यूल में 10% की कटौती तक करनी पड़ी थी।
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मुआवजे के मामले में दूसरी एयरलाइंस इंडिगो के मुकाबले काफी पीछे रहीं; जहां टाटा समूह की एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने मिलकर करीब 74.61 लाख रुपये चुकाए, वहीं स्पाइसजेट ने 40.09 लाख रुपये और अकासा एयर ने 21.06 लाख रुपये का भुगतान किया।