फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Indian startup group files petition in Delhi High Court against American company

Startup: भारतीय स्टार्टअप समूह ने अमेरिकी कंपनी के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में लगाई याचिका, कहा...

Wed, 12 Apr 2023 05:19 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 12 Apr 2023 05:19 AM IST
सार

घरेलू स्टार्टअप ने याचिका में कहा है कि सीसीआई के अक्तूबर, 2022 के आदेश के बावजूद गूगल उच्च सेवा शुल्क वसूल रही है।

विज्ञापन
Indian startup group files petition in Delhi High Court against American company
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

भारतीय स्टार्टअप के एक समूह ने गूगल की नई इन-एप बिलिंग शुल्क प्रणाली पर रोक लगाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। एलायंस ऑफ डिजिटल इंडिया फाउंडेशन (एडीआईएफ) ने याचिका में कहा कि गूगल की इस प्रणाली पर तब तक रोक लगाई जाए, जब तक भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) अपने निर्देशों के कथित गैर-अनुपालन के लिए अमेरिकी कंपनी की जांच नहीं कर लेता।

विज्ञापन


घरेलू स्टार्टअप ने याचिका में कहा है कि सीसीआई के अक्तूबर, 2022 के आदेश के बावजूद गूगल उच्च सेवा शुल्क वसूल रही है। उस आदेश में गूगल को इन-एप भुगतान के लिए थर्ड-पार्टी बिलिंग सेवाओं के इस्तेमाल की अनुमति देने का निर्देश दिया गया था।
विज्ञापन


एडीआईएफ ने 10 अप्रैल को दायर 744 पेज की याचिका में अपील की कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने अभी तक शिकायतों पर सुनवाई नहीं की है, जबकि गूगल की कथित यूजर च्वाइस बिलिंग सिस्टम (यूसीबी) को लागू करने की 26 अप्रैल की तिथि नजदीक आ रही है। इसलिए सुनवाई पूरी नहीं होने तक यूसीबी पर रोक लगाई जाए। कोर्ट इस सप्ताह के अंत में याचिका पर सुनवाई कर सकता है। इस मामले में सीसीआई ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। गूगल ने भी टिप्पणी से इन्कार कर दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


26% तक शुल्क ले रही अमेरिकी कंपनी
भारतीय स्टार्टअप का कहना है कि गूगल की यूसीबी प्रणाली अब भी एप डेवलपर्स से 11-26 फीसदी तक सेवा शुल्क वसूल रही है। अमेरिकी कंपनी ने हाल ही में एप डेवलपर्स के लिए अपनी बिलिंग जरूरतों में बदलाव किया है। इसमें यह उल्लेख किया गया है कि अगर कोई उपयोगकर्ता वैकल्पिक बिलिंग प्रणाली के जरिये भुगतान करता है तो गूगल प्ले सेवा शुल्क 4 फीसदी कम हो जाएगा।

गूगल का इन्कार 
गूगल ने किसी भी गलत कार्य से इन्कार करते हुए सीसीआई के आदेश को चुनौती दी है। साथ ही कहा, नई सेवा शुल्क प्रणाली गूगल प्ले एप स्टोर और एंड्रॉयड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम में निवेश का समर्थन करती है।

सीसीआई ने अक्तूबर में दी थी चेतावनी
एंड्रॉयड मोबाइल उपकरण क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग कर प्रतिस्पर्धा को बाधित करने के आरोप में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने अक्तूबर, 2022 में गूगल पर 11.2 करोड़ डॉलर (919.34 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया था।


-साथ ही सीसीआई ने कहा था कि वह अपने वर्चस्व का गलत इस्तेमाल कर डेवलपर्स को इन-एप भुगतान प्रणाली के इस्तेमाल के लिए मजबूर करना बंद करे।
-आयोग ने गूगल से प्ले स्टोर नीति में भी सुधार करने को कहा था।

एनसीएलएटी से भी लग चुका है झटका
पहले भी सीसीआई ने गूगल पर 1,337.76 करोड़ जुर्माना लगाया था। इसे कंपनी ने चुनौती दी थी। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने सीसीआई के निर्णय में कुछ सुधार करते हुए गूगल को 30 दिनों में जुर्माना चुकाने का आदेश दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed