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Services PMI: मजबूत मांग के दम पर अक्तूबर में सेवा क्षेत्र की गतिविधियां बढ़ीं, रोजगार सृजन को मिला बढ़ावा
Wed, 06 Nov 2024 02:49 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Wed, 06 Nov 2024 02:49 PM IST
सार
Services PMI: मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया सेवा व्यवसाय गतिविधि सूचकांक अक्टूबर में 58.5 रहा जो सितंबर में 57.7 था। खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) की भाषा में 50 से ऊपर अंक का मतलब गतिविधियों में विस्तार से और 50 से कम अंक का आशय संकुचन से होता है।
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सेवा क्षेत्र की पीएमआई
- फोटो : i stock
विस्तार
देश में सेवा क्षेत्र की गतिविधियां सितंबर के अपने 10 महीने के निचले स्तर से उबरकर अक्तूबर में 58.5 पर पहुंच गई। सेवा क्षेत्र की गतिविधियों को उत्पादन और नए कारोबार में मजबूत इजाफे का समर्थन मिला, जिससे रोजगार सृजन बेहतर हुआ। पीएमआई के आंकड़ों में इस बात की पुष्टि हुई।
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मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया सेवा व्यवसाय गतिविधि सूचकांक अक्टूबर में 58.5 रहा जो सितंबर में 57.7 था। खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) की भाषा में 50 से ऊपर अंक का मतलब गतिविधियों में विस्तार से और 50 से कम अंक का आशय संकुचन से होता है।
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एचएसबीसी के मुख्य अर्थशास्त्री (भारत) प्रांजुल भंडारी ने कहा, ‘‘ भारत की सेवा क्षेत्र की गतिविधियां सितंबर में अपने 10 महीने के निचले स्तर से उबरकर पिछले महीने 58.5 पर पहुंच गई। अक्टूबर में भारतीय सेवा क्षेत्र के उत्पादन तथा उपभोक्ता मांग में मजबूत विस्तार हुआ साथ ही रोजगार सृजन ने 26 महीने का उच्चतम स्तर हासिल किया।’’
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नवीनतम आंकड़ों ने भारत की सेवा अर्थव्यवस्था में नई निर्यात बिक्री की वृद्धि को भी रेखांकित किया। इसका श्रेय सर्वेक्षण में शामिल लोगों ने अफ्रीका, एशिया, अमेरिका, पश्चिम एशिया और ब्रिटेन के ग्राहकों की ओर से मांग में मजबूती को दिया।
इसके अलावा, सर्वेक्षण में शामिल लोगों में से करीब 13 प्रतिशत से रोजगार सृजन होने की बात की, जबकि सितंबर में यह आंकड़ा नौ प्रतिशत था। इस बीच, एचएसबीसी इंडिया कंपोजिट उत्पादन सूचकांक सितंबर में 58.3 से बढ़कर अक्टूबर में 59.1 पर आ गया। अक्तूबर में विनिर्माण और सेवा क्षेत्र दोनों क्षेत्रों में नये व्यापार प्रवाह में तेज गति से वृद्धि हुई, जिससे समग्र स्तर पर बिक्री और रोजगार में वृद्धि को बढ़ावा मिला।