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FICCI Survey: भारत में विनिर्माण क्षेत्र की तेजी आने वाले समय में बने रहने की उम्मीद, सर्वे में सामने आया ये
Mon, 13 Nov 2023 03:43 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 13 Nov 2023 03:43 PM IST
सार
FICCI Survey: सर्वेक्षण में 4.88 लाख करोड़ रुपये से अधिक के संयुक्त वार्षिक कारोबार वाले बड़े और एसएमई दोनों खंडों से 380 से अधिक विनिर्माण इकाइयों से प्रतिक्रिया ली गई है। भारतीय विनिर्माण क्षेत्र में मौजूदा औसत क्षमता उपयोग लगभग 74 प्रतिशत है, जो पिछली तिमाहियों के दौरान दर्ज 73 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है।
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भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
फिक्की के नवीनतम तिमाही सर्वेक्षण से पता चलता है कि भारतीय विनिर्माण 2023-24 की दूसरी तिमाही में तेज हो गया है और विकसित देशों में मंदी के बावजूद वित्त वर्ष 2023-24 की अगली तिमाहियों में इसमें तेजी जारी रहने की संभावना है।
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उद्योग निकाय के नवीनतम तिमाही सर्वेक्षण में जुलाई-सितंबर 2023-24 तिमाही के लिए दस प्रमुख क्षेत्रों - मोटर वाहन और ऑटो घटकों, पूंजीगत सामान और निर्माण उपकरण, सीमेंट, रसायन, उर्वरक और फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और व्हाइट गुड्स, मशीन टूल्स, धातु और धातु उत्पादों, वस्त्र, परिधान और तकनीकी वस्त्र, कागज और विविध के लिए निर्माताओं के प्रदर्शन और भावनाओं का आकलन किया गया है।
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सर्वेक्षण में 4.88 लाख करोड़ रुपये से अधिक के संयुक्त वार्षिक कारोबार वाले बड़े और एसएमई दोनों खंडों से 380 से अधिक विनिर्माण इकाइयों से प्रतिक्रिया ली गई है। भारतीय विनिर्माण क्षेत्र में मौजूदा औसत क्षमता उपयोग लगभग 74 प्रतिशत है, जो पिछली तिमाहियों के दौरान दर्ज 73 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है। पिछली तिमाही की तुलना में भविष्य के निवेश दृष्टिकोण में भी सुधार हुआ है क्योंकि 57 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं ने आने वाले छह महीनों में निवेश और विस्तार की योजना की बात कही है। इस मामले में पिछले सर्वेक्षण की तुलना में भी थोड़ा सुधा हुआ है।
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प्रमुख बाधाओं की बात करें तो भारत में विनिर्माण क्षेत्र की वास्तविक क्षमता का एहसास करने के लिए मांग एक सीमित कारक है, जिसमें 40 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं ने इसे एक महत्वपूर्ण बाधा के रूप में रेखांकित किया है।
उन्होंने कहा, 'चाहे वह घरेलू मांग हो या निर्यात, यह एक प्रमुख सीमित कारक बना हुआ है। कुछ अन्य बाधाएं, हालांकि जो प्रमुख नहीं हैं, वे हैं कच्चे माल की उच्च कीमतें, वित्त की बढ़ती लागत, रसद और अन्य आपूर्ति शृंखला व्यवधान। ये कुछ ऐसी प्रमुख बाधाएं हैं जो उत्तरदाताओं की विस्तार योजनाओं को प्रभावित कर रही हैं।
निर्यात के मोर्चे पर, प्रदर्शन पिछली तिमाहियों की तुलना में बेहतर प्रतीत होता है क्योंकि 48 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं ने जुलाई-सितंबर 2023-24 में उच्च निर्यात की सूचना दी, जबकि 2023-24 की पहली तिमाही में यह 33 प्रतिशत था। फिक्की ने कहा, "हालांकि देश की वृद्धि की आकांक्षा को देखते हुए निर्यात मांग में और सुधार की जरूरत है।"
सर्वेक्षण के अनुसार नियुक्ति परिदृश्य स्थिर दिख रहा है और करीब 38 प्रतिशत प्रतिभागी अगले तीन महीनों में अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'ज्यादातर क्षेत्रों में पर्याप्त श्रम बल है और वे कारखानों में श्रमिकों की कमी का सामना नहीं कर रहे हैं। सर्वेक्षण के अनुसार 82 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा है क उन्हें कार्यबल की उपलब्धता के साथ कोई समस्या नहीं है, शेष 18 प्रतिशत को लगता है कि उनके क्षेत्र में अब भी उपलब्ध कुशल कार्यबल की कमी है।