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CRISIL: भारतीय अर्थव्यवस्था की औसत वृद्धि दर 2030-31 तक 6.7 प्रतिशत रहेगी, रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने ये कहा
Sat, 03 Feb 2024 03:07 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Sat, 03 Feb 2024 03:07 PM IST
सार
CRISIL: क्रिसिल के अनुसार इस ट्रेंड के पीछे मुख्य रूप से पूंजी का योगदान होगा। रिपोर्ट में कहा गया कि सरकार ने निर्माण गतिविधियों का समर्थन करने के लिए पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि की है और राज्यों के निवेश प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए ब्याज मुक्त ऋण दे रही है।
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भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी के संकेत (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने बताया है कि वर्तमान दशक के अंत तक भारतीय अर्थव्यवस्था की औसत वार्षिक वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। रेटिंग एजेंसी की एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2023-24 से 2030-31 के बीच अर्थव्यवस्था इस दर से बढ़ेगी। यह दर महामारी से पहले की औसत वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत से थोड़ी अधिक है।
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क्रिसिल के अनुसार इस ट्रेंड के पीछे मुख्य रूप से पूंजी का योगदान होगा। रिपोर्ट में कहा गया कि सरकार ने निर्माण गतिविधियों का समर्थन करने के लिए पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि की है और राज्यों के निवेश प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए ब्याज मुक्त ऋण दे रही है।
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क्रिसिल ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में 7.3 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के बाद, अगले वित्त वर्ष में इसके 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। रिपोर्ट के मुताबिक आरबीआई ब्याज दर के मोर्चे पर सतर्क रहेगा, क्योंकि उसकी नजर मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत के स्तर पर लाने पर रहेगी।
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