Rishi Shah: भारतीय मूल के अमेरिकी अरबपति को ₹8300 करोड़ की धोखाधड़ी के लिए साढ़े सात साल की सजा, जानें डिटेल्स
ऋषि शाह और उनके करीबियों पर ₹ 8,300 करोड़ यानी करीब एक अरब डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप है। उनकी इस धोखाधड़ी ने गोल्डमैन सैक्स ग्रुप, गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट और इलिनोइस के गवर्नर जेबी प्रित्जकर की उद्यम पूंजी फर्म जैसे हाई-प्रोफाइल निवेशकों को हिलाकर रख दिया।
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अमेरिका की एक अदालत ने आउटकम हेल्थ के पूर्व अरबपति को-फाउंडर और भारतीय मूल के अमेरिकी कारोबारी ऋषि शाह को साढ़े सात साल जेल की सजा सुनाई है। शाह और उनके करीबियों पर ₹ 8,300 करोड़ यानी करीब एक अरब डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप है। उनकी इस धोखाधड़ी ने गोल्डमैन सैक्स ग्रुप, गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट और इलिनोइस के गवर्नर जेबी प्रित्जकर की उद्यम पूंजी फर्म जैसे हाई-प्रोफाइल निवेशकों को हिलाकर रख दिया। अमेरिकी जिला न्यायाधीश थॉमस डर्किन ने अपने फैसले में इसे इतिहास के सबसे बड़े कॉर्पोरेट धोखाधड़ी मामलों में से एक बताया।
शिकागो स्थित स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप कंपनी के पूर्व अधिकारियों और भारतीय मूल के दो लोगों को कंपनी के ग्राहकों, ऋणदाताओं और निवेशकों को कथित रूप से लक्षित करने वाली धोखाधड़ी योजना में शामिल होने के आरोप में सजा सुनाई गई। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, धोखाधड़ी से प्राप्त धन में लगभग 1 बिलियन डॉलर (भारतीय मुद्रा में 8300 करोड़ रुपये) शामिल हैं। आरोपियों की पहचान आउटकम के सह-संस्थापक और पूर्व सीईओ 38 वर्षीय ऋषि शाह और आउटकम की सह-संस्थापक और पूर्व अध्यक्ष 38 वर्षीय श्रद्धा अग्रवाल के रूप में की गई है।
अभियोजकों ने कहा कि 38 वर्षीय शाह अग्रवाल ने अपने एक अन्य सहयोगी मुख्य वित्तीय अधिकारी ब्रैड पर्डी के साथ कंपनी के परिचालन और वित्तीय स्वास्थ्य को गलत तरीके से पेश करके निवेशकों, ग्राहकों और ऋणदाताओं के खिलाफ बड़ी धोखाधड़ी की योजना में लगे हुए थे।