फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   india unemployment hits 45 year high rate, crosses 6 percent mark

पिछले एक साल में 45 वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंची बेरोजगारी, विपक्ष का सवाल #HowsTheJobs?

Thu, 31 Jan 2019 02:36 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Thu, 31 Jan 2019 02:36 PM IST
विज्ञापन
india unemployment hits 45 year high rate, crosses 6 percent mark

भारत में बेरोजगारी की समस्या पिछले 45 वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। नेशनल सैंपल सर्वे कार्यालय (एनएसएसओ) द्वारा किए गए एक सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है। इससे केंद्र सरकार की परेशानी बढ़ सकती है। 

विज्ञापन


बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी खबर के मुताबिक जुलाई 2017 से जून 2018 तक बेरोजगारी की सीमा 6.1 फीसदी पहुंच गई, जो 1972-73 के बाद सबसे ज्यादा है। इसी डाटा को जारी न करने के फैसले के कारण ही राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के दो सदस्यों नेअचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने वाले पीसी मोहनन और जेवी मीनाक्षी का कार्यकाल जून 2020 में पूरा होना था। आयोग में केवल यही दोनों गैर सरकारी सदस्य थे।

विज्ञापन

शहरी क्षेत्रों में बढ़ी संख्या

रिपोर्ट में कहा गया है कि शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारों की संख्या 7.8 फीसदी रही, वहीं ग्रामीण इलाकों में यह 5.3 फीसदी रही। रिपोर्ट में कहा गया है कि नोटबंदी के चलते नई नौकरियों की संख्या में काफी गिरावट आ गई थी, जो अभी संभली नहीं है। एक तरफ जहां जीडीपी की रफ्तार 7 फीसदी से ज्यादा है, वहीं बेरोजगारी के आंकड़े सरकार की पेशानी पर बल डालते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले एक साल में नौकरियां मिलने की संख्या 1.1 करोड़ कम हुई है। 

विपक्ष ने कसा तंज

एनएसएसओ के आंकड़ों पर कई विपक्षी नेताओं ने सरकार के ऊपर तंज कसा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लिखा है नोमो जॉब्स....#HowsTheJobs... 6.5 करोड़ लोग एक साल में बेरोजगार हो गए हैं। 

 


इसके अलावा एक और नेता असद्दुीन औवेसी ने कहा कि जोश नहीं लोगों को नौकरी की जरूरत है जो कि नहीं हैं। 
 

 

india unemployment hits 45 year high rate, crosses 6 percent mark

बेरोजगार युवाओं ने बिलकुल अनोखे तरीके से देश के प्रधानमंत्री से बेरोजगारी पर अपना विरोध दर्ज कराया है। बेरोजगार छात्रों ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि वे बेरोजगार हैं और उन्हें नौकरी चाहिए। लेकिन उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है। कई नौकरियों के प्रश्न पत्र खुले बाजार में बिकते हैं, कई बार वे पकड़े भी गये हैं। 

ऐसे में उन्हें इन प्रश्न पत्रों को खरीदने के लिए पैसे चाहिए। छात्रों के मुताबिक़ प्रधानमंत्री अपने नाम से एक चिटफंड कंपनी की शुरुआत करें जिससे वे इन प्रश्न पत्रों को खरीदने के लिए पैसे पा सकें। छात्रों ने यह वायदा भी किया है कि उनकी नौकरी लगते ही वे ब्याज सहित इस पैसे को वापस कर देंगे।

हल्लाबोल नामक संस्था के संस्थापक अनुपम ने अमर उजाला से कहा कि हमने पीएम से इस बहाने अपना विरोध दर्ज कराया है। यह अत्यंत दुर्भाग्य की बात है कि जहां अनेक नौकरी के लगभग 24 लाख पद रिक्त पड़े हुए हैं, युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है, वहीं सरकार लगातार नौकरियों को कम करती जा रही है। लाखों नौकरियां पिछले सालों में हमेशा के लिए खत्म कर दी गई हैं। 

अनुपम के मुताबिक उन्होंने आज के आयोजन में एक प्रस्ताव भी पास किया है। इस प्रस्ताव के मुताबिक बेरोजगारी को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाना चाहिए। अगर सरकार ऐसा नहीं करती तो वे अगले महीने की 27 तारीख को देश भर में युवाओं का एक ऐसा आंदोलन छेड़ेंगे जिससे किसी भी राज्य में युवा विरोधी सरकार सत्ता में न आ सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed