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India-UK FTA: निर्यात के साथ अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार, भारतीय श्रमिकों की गतिशीलता में होगा इजाफा

Fri, 04 Jul 2025 06:18 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Fri, 04 Jul 2025 06:18 AM IST
सार

नए सौदे के तहत ब्रिटेन में तैनात भारतीय कामगारों को तीन साल तक के लिए राष्ट्रीय बीमा योगदान पर छूट का लाभ मिलेगा, जिससे वे अधिक बचत कर सकेंगे और संभावित रूप से अधिक पैसा घर वापस भेज सकेंगे।  एफटीए में 2030 तक भारत और ब्रिटेन के बीच वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को दोगुना करने का वादा किया गया है।

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India UK FTA will give impetus to economy along with exports
भारत-ब्रिटेन फ्लैग - फोटो : पीटीआई

विस्तार

भारत और ब्रिटेन के बीच हाल ही में पूरे हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से न केवल भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलेगा बल्कि उच्च धन प्रेषण और घरेलू खर्च के जरिये भारत की अर्थव्यवस्था को भी समर्थन मिलेगा। एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों में भारतीय श्रमिकों की गतिशीलता भी बढ़ेगी।

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2024 में विदेश में काम करने वाले भारतीय कामगारों ने लगभग 130 अरब डॉलर की रकम भारत में भेजी थी। यह देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.3 प्रतिशत है। अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात के बाद ब्रिटेन इन रकम का तीसरा सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है। नए सौदे के तहत ब्रिटेन में तैनात भारतीय कामगारों को तीन साल तक के लिए राष्ट्रीय बीमा योगदान पर छूट का लाभ मिलेगा, जिससे वे अधिक बचत कर सकेंगे और संभावित रूप से अधिक पैसा घर वापस भेज सकेंगे।
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एफटीए में 2030 तक भारत और ब्रिटेन के बीच वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को दोगुना करने का वादा किया गया है। यह 2024 में 56.7 अरब डॉलर के व्यापार से अधिक है। अमेरिकी बाजार में चुनौतियों का सामना करने वाले भारतीय परिधान को ब्रिटेन के बाजार में बेहतर पहुंच से लाभ होने की उम्मीद है। ब्रिटेन के लिए यह समझौता भारत के तेजी से बढ़ते मध्यम वर्ग तक अधिक पहुंच प्रदान करता है। हालांकि, पेय क्षेत्र में तत्काल व्यापार लाभ दिखाई देगा, जहां व्हिस्की और जिन के 97 प्रतिशत निर्यात पर टैरिफ आधा रह जाएगा।


ब्रिटेन के लिए आर्थिक लाभ सीमित
चूंकि इस सौदे में दवा निर्यात शामिल नहीं है, जिससे ब्रिटेन के लिए कुछ आर्थिक लाभ सीमित हो गए हैं। इस बात पर भी स्पष्टता की कमी है कि नई कोटा प्रणाली के तहत भारत को ब्रिटेन की कार निर्यात कैसे संचालित होगी। यह समझौता प्रमुख वैश्विक भागीदारों के साथ व्यापार समझौते को सुरक्षित करने के लिए भारत के बड़े प्रयास का हिस्सा है।

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भारत का वैश्विक व्यापार नेटवर्क होगा मजबूत
इन प्रयासों का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों में बदलाव के बीच भारत के वैश्विक व्यापार नेटवर्क को मजबूत करना है। भारत-ब्रिटेन समझौते पर तेजी से हस्ताक्षर होना ब्रिटेन के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे देश को ब्रेक्सिट के बाद अपने व्यापार संबंधों को नया आकार देने और आपूर्ति श्रृंखला व्यवधानों को कम करने में मदद मिलेगी। कुल मिलाकर, व्यापार समझौते से भारत और यूके के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति को भी बढ़ाने की उम्मीद है।


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