फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   India-UK FTA: Exports to Hit $115 अरब by 2030, Millions of Jobs on Horizon, Says Assocham

India-UK FTA: 2030 तक निर्यात 115 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद, जानिए लाखों रोजगार का रास्ता कैसे होगा साफ

Sat, 25 Jul 2026 02:17 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sat, 25 Jul 2026 02:17 PM IST
सार

भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता 2030 तक भारत के निर्यात को 115 अरब डॉलर तक पहुंचा सकता है। एसोचैम की रिपोर्ट में 7-10 लाख नए रोजगार के अवसर और एमएसएमई वृद्धि की संभावना जताई गई है, लेकिन गुणवत्ता और मानकों का अनुपालन महत्वपूर्ण होगा।

विज्ञापन
India-UK FTA: Exports to Hit $115 अरब by 2030, Millions of Jobs on Horizon, Says Assocham
भारत ब्रिटेन के बीच व्यापार समझौता। - फोटो : amarujala.com

विस्तार

भारत और ब्रिटेन के बीच लागू हुआ मुक्त व्यापार समझौता (एफ.टी.ए.) भारतीय निर्यात के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है। उद्योग निकाय एसोचैम ने अपने एक अध्ययन में यह महत्वपूर्ण जानकारी दी है। इस समझौते के प्रभावी होने से 2030 तक ब्रिटेन को भारत का निर्यात 115 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है।

विज्ञापन


यह ऐतिहासिक समझौता इसी साल 15 जुलाई को आधिकारिक तौर पर लागू किया गया, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत हुए हैं। एसोचैम की रिपोर्ट बताती है कि कुल व्यापार का मार्ग भी तेजी से बढ़ेगा। यह 2025-26 में अनुमानित 58 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2030 तक 115 अरब अमेरिकी डॉलर हो जाएगा। इस व्यापारिक विस्तार से देश में 7 से 10 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होने की भी प्रबल संभावना है। यह आर्थिक वृद्धि और रोजगार सृजन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।

विज्ञापन

क्या भारत इस विशाल क्षमता को हासिल कर पाएगा?

भारत के लिए इस विशाल क्षमता को पूरी तरह से साकार करना एक महत्वपूर्ण चुनौती होगी। इसके लिए भारतीय व्यवसायों को अपनी निरंतर प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्हें उत्पादों की गुणवत्ता के उच्च मानकों को हर हाल में पूरा करना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन


साथ ही, विभिन्न प्रमाणन आवश्यकताओं का भी सख्ती से पालन करना सुनिश्चित करना होगा। मूल नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना भी अनिवार्य होगा, ताकि व्यापार में कोई बाधा न आए। इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय स्थिरता मानकों को पूरा करना भी भारतीय उद्योगों के लिए आवश्यक होगा, जो वैश्विक बाजार में उनकी स्वीकार्यता बढ़ाएगा।

सफलता की कुंजी क्या होगी?

एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल के. मिंडा ने इस दिशा में कुछ प्रमुख कारकों पर प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि कारोबार सुगमता में सुधार के लिए किए गए सुधार महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे में निरंतर निवेश करना भी आवश्यक होगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियां सुगम होंगी।

एक मजबूत और कुशल आपूर्ति शृंखला का विकास भी सफलता की कुंजी होगा, जो उत्पादों को समय पर पहुंचाने में मदद करेगा। इन सभी मानदंडों को सफलतापूर्वक पूरा करके ही भारत इस समझौते का अधिकतम लाभ उठा पाएगा और अपनी निर्यात क्षमता बढ़ा सकेगा।

किन क्षेत्रों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ?

निर्मल के. मिंडा के अनुसार, इंजीनियरिंग सामान क्षेत्र को इस व्यापार समझौते से विशेष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है। यह क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इसमें विकास की अपार संभावनाएं हैं। समझौते से इस क्षेत्र को मिलने वाला प्रोत्साहन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की वृद्धि को बढ़ावा देगा। यह एमएसएमई क्षेत्र देश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को भी गति प्रदान करेगा। यह समझौता कई भारतीय उद्योगों के लिए विकास के नए द्वार खोलेगा और उन्हें वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाने में मदद करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed