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India UK FTA: अप्रैल 2026 से लागू हो सकता है भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता, संसद से मंजूरी का इंतजार
Sun, 15 Feb 2026 04:58 PM IST
राहुल कुमार
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Sun, 15 Feb 2026 04:58 PM IST
सार
पिछले साल जुलाई में हुए भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता अप्रैल 2026 में लागू होने की संभावना है। हालांकि इस समझौते पर ब्रिटिश संसद की मुहर लगना अभी बाकी है।
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भारत और ब्रिटेन
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
भारत और ब्रिटेन के बीच पिछले वर्ष जुलाई में हस्ताक्षरित भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता अप्रैल 2026 से लागू होने की संभावना है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्ष इस समझौते को इसी वर्ष अप्रैल से प्रभावी करने की उम्मीद कर रहे हैं। 24 जुलाई 2025 को हुए इस समझौते के तहत भारत के 99 प्रतिशत निर्यात उत्पाद ब्रिटेन के बाजार में शून्य शुल्क पर प्रवेश कर सकेंगे। वहीं भारत में कार और व्हिस्की जैसे ब्रिटिश उत्पादों पर आयात शुल्क घटाया जाएगा।
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समझौते के अमल में आने से पहले ब्रिटेन की संसद की मंजूरी जरूरी
अधिकारी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन ने डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं, जिससे अस्थायी कर्मचारियों को किसी भी देश में सामाजिक अंशदान दोबारा नहीं देना पड़ेगा। संभावना है कि दोनों समझौते एक साथ लागू किए जाएं। समझौते के अमल में आने से पहले ब्रिटेन की संसद की मंजूरी जरूरी है। भारत में ऐसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों को केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलती है। ब्रिटिश संसद की मंजूरी के बाद आपसी सहमति से लागू होने की तारीख तय की जाएगी।
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ब्रिटेन की संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स में इस सप्ताह की शुरुआत में भारत-ब्रिटेन सीईटीए पर चर्चा हुई। व्यापार एवं उद्योग विभाग में राज्य मंत्री क्रिस ब्रायंट ने लेबर सरकार की ओर से जवाब देते हुए कहा कि यह समझौता बड़ी उपलब्धि है और इससे ब्रिटेन के कारोबार के लिए भारत के बाजार के दरवाजे पहले से कहीं अधिक खुलेंगे।
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संसदीय प्रक्रिया के तहत समझौते पर दोनों सदनों- हाउस ऑफ कॉमन्स और हाउस ऑफ लॉर्ड्स में बहस होगी तथा संबंधित समितियां इसके सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगी। इस समझौते का लक्ष्य 2030 तक दुनिया की पाँचवीं और छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं भारत और ब्रिटेन के बीच 56 अरब डॉलर के व्यापार को दोगुना करना है।
भारत में आएंगे ये ब्रिटिश उत्पाद
समझौते के तहत भारत ने चॉकलेट, बिस्कुट और प्रसाधन सामग्री जैसे उपभोक्ता उत्पादों के लिए अपना बाजार खोला है, जबकि भारत को वस्त्र, जूते, रत्न-आभूषण, खेल सामग्री और खिलौनों जैसे निर्यात उत्पादों के लिए ब्रिटेन में अधिक पहुँच मिलेगी।
स्कॉच व्हिस्की पर आयात शुल्क तुरंत 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत कर दिया जाएगा और 2035 तक इसे घटाकर 40 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भारत पाँच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से आयात शुल्क को 110 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत तक लाएगा। इसके बदले भारतीय वाहन निर्माताओं को निर्धारित कोटा व्यवस्था के तहत विद्युत और हाइब्रिड वाहनों के लिए ब्रिटेन के बाजार में प्रवेश मिलेगा।