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Railway: भारत में चलेंगी झुकने वाली ट्रेनें, रेलवे ने कहा- 100 'वंदे भारत' ट्रेनों में होगा तकनीक का प्रयोग

Fri, 25 Nov 2022 07:19 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Fri, 25 Nov 2022 07:19 PM IST
सार

Railway: टिल्टिंग ट्रेनों में नियमित ब्रॉड-गेज ट्रैक पर उच्च गति को सक्षम करने वाला एक तंत्र लगा होता है। वे ट्रैक पर मोड़ या वक्र पर अपना तालमेल बिठाकर झुकते हैं। ऐसी ट्रेनें वर्तमान में 11 देशों- इटली, पुर्तगाल, स्लोवेनिया, फिनलैंड, रूस, चेक गणराज्य, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, चीन, जर्मनी और रोमानिया में चल रही हैं।

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India to get first tilting trains by 2025-26; 100 'Vande Bharat' trains to use this technology: Rlys
वंदे भारत एक्सप्रेस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत को 2025-26 तक पहली झुकने वाली ट्रेन मिल जाएगी। इस तकनीक का इस्तेमाल कर 100 वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण किया जा रहा है। रेलवे के एक अधिकारी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2025 तक बनने वाली 400 वंदे भारत ट्रेनों में से 100 में यह तकनीक होगी।

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अधिकारी के अनुसार, "हमारे पास देश में झुकने वाली ट्रेनें होंगी। हम इसके लिए एक प्रौद्योगिकी भागीदार (टेक्नोलॉजी पार्टनर) के साथ गठजोड़ करेंगे। हमारे पास अगले दो से तीन वर्षों में 100 वंदे भारत ट्रेनों में यह तकनीक होगी।" टिल्टिंग ट्रेनों में नियमित ब्रॉड-गेज ट्रैक पर उच्च गति को सक्षम करने वाला एक तंत्र लगा होता है। वे ट्रैक पर मोड़ या वक्र पर अपना तालमेल बिठाकर झुकते हैं। ऐसी ट्रेनें वर्तमान में 11 देशों- इटली, पुर्तगाल, स्लोवेनिया, फिनलैंड, रूस, चेक गणराज्य, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, चीन, जर्मनी और रोमानिया में चल रही हैं।

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इस तरह की ट्रेनें कैसे काम करती हैं? इस बारे में बताते हुए एक अधिकारी ने कहा कि जैसे ही ट्रेन स्पीड के साथ किसी मोड़ पर मुड़ती है, इसके फिसलने का खतरा रहता है। इससे ट्रेन के भीतर चीजें फिसल सकती हैं। इससे ट्रेन में बैठने वाले यात्री आर्मरेस्ट से कुचला हुआ महसूस करते हैं और अपना संतुलन खो देते हैं। 

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उन्होंने कहा- झुकने वाली ट्रेनें हमें इस स्थिति से बचाती हैं। भारतीय रेलवे ने ऐसी ट्रेनों के संबंध में अतीत में विभिन्न विकल्पों की खोज की है, लेकिन कभी भी किसी भी डिटेल्स को अंतिम रूप से नहीं दिया गया है। रेलवे ने इस तकनीक के लिए लिए स्पेनिश निर्माता टैल्गो के साथ-साथ स्विट्जरलैंड सरकार के साथ भी चर्चा की है।


रेलवे 2025-26 तक वंदे भारत ट्रेन का विदेशी बाजार में प्रमुख निर्यातक बनेगा 
रेलवे 2025-26 तक यूरोप, दक्षिण अमेरिका और पूर्वी एशिया के बाजारों में वंदे भारत ट्रेनों का प्रमुख निर्यातक बनने की ओर बढ़ रहा है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा, स्लीपर कोच वाली स्वदेशी ट्रेनों का नवीनतम संस्करण 2024 की पहली तिमाही तक चालू हो जाएगा। 


उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे अगले कुछ वर्षों में 75 वंदे भारत ट्रेनों पर 10-12 लाख किलोमीटर की दूरी तय करने की योजना बना रहा है, ताकि इन्हें निर्यात के लिए तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा, ट्रेनों के निर्यात के लिए पारिस्थितिकी तंत्र अगले दो से तीन वर्षों में तैयार किया जाना है। हम अगले तीन वर्षों में 475 वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण करने की राह पर हैं।

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