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PMI: मजबूत मांग के कारण मार्च में सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर साढ़े 13 वर्ष के हाई पर, पीएमआई के आंकड़े जारी

Thu, 04 Apr 2024 12:32 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Thu, 04 Apr 2024 12:32 PM IST
सार

PMI: सर्वेक्षण के अनुसार बिक्री में तेजी का मुख्य कारण मांग में बेहतर स्थिति, दक्षता में वृद्धि और बिक्री में सकारात्मक वृद्धि है। कंपनियों ने मार्च के दौरान नए ऑर्डर इंटेक में काफी सुधार का संकेत दिया। वृद्धि की दर जून 2010 के बाद से सबसे अच्छी देखी गई। 

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India's services sector growth hits 13-and-a-half-yr high in Mar on robust demand conditions: PMI
service sector

विस्तार

मजबूत मांग के कारण मार्च में देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर साढ़े 13 साल की सबसे मजबूत वृद्धि दर में से एक रही। एचएसबीसी इंडिया सविर्सिज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स फरवरी के 60.6 से बढ़कर मार्च में 61.2 पर पहुंच गया।परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) की भाषा में सूचकांक का 50 से ऊपर रहना विस्तार को दर्शाता है जबकि 50 से नीचे रहना संकुचन को दर्शाता है। एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई को एसएंडपी ग्लोबल द्वारा लगभग 400 सेवा क्षेत्र की कंपनियों के एक पैनल को भेजे गए प्रश्नावली के जवाबों से संकलित किया गया है।

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मांग बढ़ने से बिक्री और कारोबारी गतिविधियों में तेजी आई

रिपोर्ट में कहा गया है, 'भारत की सेवाओं का पीएमआई फरवरी में मामूली गिरावट के बाद मार्च में बढ़ा और मजबूत मांग के कारण बिक्री और कारोबारी गतिविधियों में तेजी आई। एचएसबीसी के अर्थशास्त्री इनेस लैम ने कहा, "उत्पादन क्षमता का विस्तार करने के लिए सेवा प्रदाताओं ने अगस्त 2023 के बाद से सबसे तेज गति से हायरिंग में वृद्धि की।" 

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सर्वेक्षण के अनुसार बिक्री में तेजी का मुख्य कारण मांग में बेहतर स्थिति, दक्षता में वृद्धि और बिक्री में सकारात्मक वृद्धि है। कंपनियों ने मार्च के दौरान नए ऑर्डर इंटेक में काफी सुधार का संकेत दिया। वृद्धि की दर जून 2010 के बाद से सबसे अच्छी देखी गई। 
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सितंबर 2014 में शृंखला शुरू होने के बाद से नया निर्यात कारोबार सबसे तेज दर से बढ़ा। सर्वेक्षण प्रतिभागियों ने अफ्रीका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, अमेरिका और मध्य पूर्व से लाभ की सूचना दी। सेवा कंपनियों ने संकेत दिया कि नए कारोबार की मात्रा में भारी तेजी ने उनकी क्षमताओं पर दबाव डाला। इस कारण, सेवा प्रदाताओं ने मार्च में अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती की।

प्रतिस्पर्धी दबाब की चिंताओं के बावजूद, अनुकूल रुझान बने रहने की उम्मीद   

सर्वेक्षण में कहा गया है, "इनपुट लागत तेज दर से बढ़ी है, इसके बावजूद सेवा प्रदाता उच्च आउटपुट मूल्य वसूलकर मार्जिन बनाए रखने में सक्षम हैं। आगे चलकर सेवा क्षेत्र की कंपनियों को मांग का रुझान अनुकूल बने रहने की उम्मीद है और विपणन प्रयासों को भी वृद्धि के अवसर के रूप में देखा जा रहा है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि हालांकि प्रतिस्पर्धी दबाव को लेकर कुछ चिंताएं हैं।"



इस बीच, एचएसबीसी इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स फरवरी के 60.6 से बढ़कर मार्च में 61.8 पर पहुंच गया। कंपोजिट पीएमआई सूचकांक तुलनीय विनिर्माण और सेवा पीएमआई सूचकांकों के भार का औसत है। जीडीपी के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारांश विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के सापेक्ष आकार को दर्शाता है। मार्च के आंकड़ों से पता चलता है कि पूरे भारत में कुल उत्पादन में तेज वृद्धि हुई है, क्योंकि माल उत्पादकों और सेवा प्रदाताओं दोनों ने वृद्धि में तेजी दर्ज की है।

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