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Tariffs: FY2026 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.5% बढ़ने का अनुमान, BOB ने बताया- टैरिफ पैदा कर सकता है जोखिम
Sat, 30 Aug 2025 12:12 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Sat, 30 Aug 2025 12:12 PM IST
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बैंक ऑफ बड़ौदा (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Adobe Stock
वित्त वर्ष 26 में भारत की अर्थव्यवस्था में लगभग 6.5 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। यह स्थिर घरेलू गति को दर्शाता है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी एक रिपोर्ट में यह बात कही है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने यह भी कहा है कि टैरिफ से जुड़ी बढ़ती चिंताएं जोखिम पैदा कर सकती हैं।
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बीओबी के अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 6.5 प्रतिशत के अनुमानों के अनुरूप हैं। आरबीआई ने 6 अगस्त को हुई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की नवीनतम बैठक में अपने अनुमान जताए थे। देश में जीडीपी अनुमानों को वित्त वर्ष की मजबूत शुरुआत से बल मिल रहा है, जिसमें सकल घरेलू उत्पाद (GDP) पिछले वर्ष की इसी अवधि के 6.5 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत हो गया।
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विनिर्माण, कृषि और सेवा क्षेत्रों ने उल्लेखनीय वृद्धि प्रदान की, साथ ही उपभोग माँग में भी उचित वृद्धि हुई। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि आगामी त्योहारी सीज़न में खर्च और शहरी उपभोग में सुधार से विकास को और बढ़ावा मिलने की संभावना है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि आरबीआई की ओर से एक और ब्याज दर में कटौती और संभावित राजकोषीय समर्थन की उम्मीदें भी आर्थिक प्रगति को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती हैं।
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आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत की नाममात्र जीडीपी अप्रैल-जून तिमाही के दौरान 8.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने यह भी कहा कि जीडीपी वृद्धि के आंकड़े मजबूत मैक्रोइकॉनॉमिक फंडामेंटल्स से समर्थित अर्थव्यवस्था में मजबूत गति को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि आपूर्ति पक्ष की वृद्धि विनिर्माण, निर्माण और सेवाओं से संचालित थी।
रिपोर्ट के अनुसार सरकार के पूंजीगत व्यय ने सकल स्थायी पूंजी निर्माण (जीएफसीएफ) की वृद्धि की गति को भी बनाए रखा है। निजी निवेश की धारणा में भी सुधार हुआ है, पहली तिमाही में नए निवेश की घोषणाएं साल-दर-साल आधार पर 3.3 गुना बढ़ी हैं। इसके अलावे, विनिर्माण क्षेत्र में और वृद्धि के संकेत हैं।