पर्यटन मंत्रालय और इनमोबी की साझेदारी: एआई की मदद से भारत के पर्यटन स्थलों को मिलेगा बढ़ावा, जानिए क्या तैयारी
पर्यटन मंत्रालय ने विश्व पर्यटन दिवस 2026 पर इनमोबी के साथ समझौता किया। यह साझेदारी कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ग्लांस मंच का उपयोग कर भारत के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देगी, युवाओं को जोड़ेगी और उत्तरदायी यात्रा को प्रोत्साहित करेगी। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
विस्तार
पर्यटन मंत्रालय ने विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर इनमोबी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी एआई और तकनीक का इस्तेमाल कर भारत के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देगी। इसका मकसद देश और विश्व भर के दर्शकों के सामने भारतीय पर्यटल स्थलों का प्रदर्शन करना है। यह समझौता भारत मंडपम में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में हुआ।
शेखावत ने पर्यटन के क्षेत्र में डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका के बारे में बताते हुए ‘नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक’ और ‘देखो अपना देश 2.0’ का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "लक्ष्य भारत को सर्वाधिक पर्यटकों वाला देश बनाना है। साथ ही, पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना भी महत्वपूर्ण है। इनमोबी समूह का प्रमुख ब्रांड और कृत्रिम बुद्धिमत्ता-प्रथम उपभोक्ता सहभागिता मंच ग्लांस इस साझेदारी को कार्यान्वित करेगा।"
ग्लांस उपयोगकर्ताओं की रुचियों के अनुसार स्मार्टफोन की लॉक स्क्रीन पर सामग्री उपलब्ध कराता है और विश्व भर में 55 करोड़ उपकरणों में इसे देखा जाता है। इनमोबी की ग्लोबल सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सुबी चतुर्वेदी ने कहा कि भारत की पर्यटन गाथा हर भारतीय और भावी मेहमान तक पहुंचनी चाहिए।
पर्यटन को नया आयाम कैसे मिलेगा?
यह पहल दर्शकों को भारत के गंतव्यों की व्यापक शृंखला खोजने के लिए प्रेरित करेगी। मंत्रालय, अतुल्य भारत और ग्लांस मिलकर भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों का प्रचार करेंगे। देश में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु इस सामग्री का उपयोग होगा। इसमें पर्यटकों को स्थलों को स्वच्छ रखने और स्मारकों की देखभाल के संदेश शामिल होंगे। युवाओं को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने पर भी विशेष बल दिया जाएगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित अंकीय कहानी कहने की कला से सांस्कृतिक अनुभव दर्शकों तक पहुंचेंगे।
प्रौद्योगिकी और एआई की क्या भूमिका होगी?
मंत्रालय सामग्री, इनसाइट और ऑडियो व वीडियो संसाधन उपलब्ध कराएगा। ग्लांस अपने कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित (एआई संचालित) मंच का उपयोग सामग्री के सृजन, संयोजन और वितरण के लिए करेगा। संदेश मंत्रालय के परामर्श से तैयार किए जाएंगे। दोनों पक्ष भारत को एक अग्रणी वैश्विक सांस्कृतिक और पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए सहयोग करेंगे। यह राष्ट्रीय प्राथमिकताओं, प्रमुख त्योहारों और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों पर केंद्रित अभियानों को भी बढ़ावा देगा।
इस पहल का व्यापक लक्ष्य क्या है?
यह समझौता नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक और देखो अपना देश 2.0 के तहत हुआ। इसका उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में मांग बढ़ाना और कम ज्ञात गंतव्यों के बारे में लोगों को जानकारी देना है। यह नए जमाने की तकनीक का इस्तेमाल करते यात्रियों के समक्ष विकल्प रखेगा। इससे जाने-पहचाने लोकप्रिय स्थलों से आगे भी पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। यह पहल विकसित भारत@2047 की व्यापक परिकल्पना के अनुरूप है। साथ ही, यह पहल प्रधानमंत्री के उस आह्वान को भी आगे बढ़ाएगी, जिसमें उन्होंने देशवासियों से भारत के गंतव्यों को छुट्टी और विवाह योजनाओं में शामिल करने का आग्रह किया है।