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S&P Global: वित्तीय वर्ष 2026-27 तक भारत की औसत वृद्धि दर 6.7% बनी रहेगी, जानें S&P ग्लोबल ने और क्या कहा
Wed, 28 Jun 2023 07:14 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Wed, 28 Jun 2023 07:14 PM IST
सार
S&P Global: एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के वरिष्ठ अर्थशास्त्री (एशिया प्रशांत) विश्रुत राणा ने बुधवार को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 तक भारतीय अर्थव्यवस्था की औसत वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर करीब छह प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2022-23 के 7.2 प्रतिशत से कम है।
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एसएंडपी ग्लोबल
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के वरिष्ठ अर्थशास्त्री (एशिया प्रशांत) विश्रुत राणा ने बुधवार को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 तक भारतीय अर्थव्यवस्था की औसत वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर करीब छह प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2022-23 के 7.2 प्रतिशत से कम है। राणा ने एक वेबिनार में कहा, ''हम व्यापार पक्ष से कुछ चुनौतियां देख रहे हैं जो गतिविधियों को प्रभावित कर रही हैं और यह उन कारकों में से एक है जो इस साल वृद्धि को प्रभावित कर रहे हैं।"
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राणा ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि दर के मुकाबले नरमी आने का कारण कमजोर बाह्य माहौल, दबी हुई मांग में नरमी और निजी उपभोग गतिविधियों में नरमी हैं। कड़ी मौद्रिक नीति ने भी कुछ हद तक उपभोक्ताओं की मांग पर असर डाला है।
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इसके अलावा, राणा ने कहा कि निवेश पक्ष से "मजबूत टेलविंड" आ रहा है और निवेश दृष्टिकोण काफी मजबूत दिख रहा है। उन्होंने कहा, 'मुद्रास्फीति में कमी आ रही है... हमें उम्मीद नहीं है कि आरबीआई ब्याज दरों में कटौती करने की जल्दबाजी करेगा।' उन्होंने कहा कि आरबीआई द्वारा दरों में कटौती के लिए 2024 की शुरुआत तक इंतजार करने की संभावना है, जब तक कि मुद्रास्फीति की उम्मीदें पूरी तरह से स्थिर नहीं हो जातीं।
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