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जीडीपी में देश के यह तीन शहर विश्व के टॉप 20 में, आधे से ज्यादा चीन के
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 26 Sep 2018 04:34 PM IST
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जीडीपी के हिसाब से देश के तीन बड़े शहरों ने विश्व के उभरते हुए महानगरों की टॉप 20 लिस्ट में जगह बनाई है। इस लिस्ट में सबसे ज्यादा शहर चीन के शामिल हैं। देश के जिन शहरों को इस लिस्ट में शामिल किया गया है उनमें दिल्ली, हैदराबाद और सूरत शामिल हैं।
लिस्ट में शामिल हैं 300 शहर
ब्रूकिंग्स ग्लोबल मेट्रो मॉनिटर 2018 द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार इन शहरों की जीडीपी सबसे ज्यादा है। टॉप 20 लिस्ट में पहला स्थान आयरलैंड के शहर डूबलिन को मिला है। वहीं दूसरे स्थान पर सेनजॉस, तीसरे स्थान पर चीन का झेंगडू, चौथे पर सैनफ्रांसिस्को और पांचवें स्थान पर चीन की राजधानी बीजिंग है।
दिल्ली को इस लिस्ट में छठा स्थान मिला है। दिल्ली की जीडीपी इस वर्ष 6.6 फीसदी आंकी गई है। वहीं हैदराबाद 14वें नंबर, सूरत 19वें नंबर और मुंबई 23वें नंबर पर रहा। दिल्ली में पिछले एक साल में 6.21 लाख लोगों को नौकरी भी मिली है जो कि देश में सबसे ज्यादा है। विश्व के टॉप 30 शहरों में 17 केवल चीन के हैं।
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नौकरी के अलावा प्रति व्यक्ति आय में भी इजाफा
दिल्ली न केवल जीडीपी के मामले में अव्वल है, बल्कि यहां पर प्रति व्यक्ति आय भी सबसे ज्यादा है। एनसीआर क्षेत्र (फरीदाबाद, गुड़गांव, नोएडा, गाजियाबाद) आदि में कई कंपनियां और फैक्ट्रियां हैं, जहां पर लोगों को बड़ी संख्या में रोजगार मिला हुआ है।
कामगारों का वेतन दस हजार रुपये से भी कम
स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया (एसडब्लूआई) की रिपोर्ट में सामने आया है कि देश में अधिकांश कामगारों का वेतन दस हजार रुपये प्रतिमाह से भी कम है। इसमें 82 प्रतिशत पुरुष और 92 फीसदी महिला कामगार शामिल हैं। पिछले डेढ़ दशक में अगर मेहनताने की बात करें तो उसमें सालाना तीन फीसदी या उससे ज्यादा की वृद्धि हुई है। अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय द्वारा मंगलवार को एसडब्लूआई रिपोर्ट जारी की गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी क्षेत्रों में मेहनताना सातवें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा अनुशंसित वेतन (18,000 रुपए प्रति माह) से काफी कम है। मेहनताने की तुलना में श्रमिक उत्पादकता कई गुना तेजी से बढ़ी है। परिणामस्वरूप नियोक्ताओं को श्रमिकों की तुलना में कहीं ज्यादा फायदा हुआ है। रोजगार कम पैदा हुए हैं। भारत आर्थिक विकास की उच्च दर को अच्छी नौकरियों में बदलने के लिए जूझ रहा है, खासकर अपने शिक्षित युवाओं के लिए। हालांकि, जाति और लैंगिक असमानताएं अभी तक कम नहीं हो सकी हैं।
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लिस्ट में शामिल हैं 300 शहर
ब्रूकिंग्स ग्लोबल मेट्रो मॉनिटर 2018 द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार इन शहरों की जीडीपी सबसे ज्यादा है। टॉप 20 लिस्ट में पहला स्थान आयरलैंड के शहर डूबलिन को मिला है। वहीं दूसरे स्थान पर सेनजॉस, तीसरे स्थान पर चीन का झेंगडू, चौथे पर सैनफ्रांसिस्को और पांचवें स्थान पर चीन की राजधानी बीजिंग है।
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दिल्ली को इस लिस्ट में छठा स्थान मिला है। दिल्ली की जीडीपी इस वर्ष 6.6 फीसदी आंकी गई है। वहीं हैदराबाद 14वें नंबर, सूरत 19वें नंबर और मुंबई 23वें नंबर पर रहा। दिल्ली में पिछले एक साल में 6.21 लाख लोगों को नौकरी भी मिली है जो कि देश में सबसे ज्यादा है। विश्व के टॉप 30 शहरों में 17 केवल चीन के हैं।
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नौकरी के अलावा प्रति व्यक्ति आय में भी इजाफा
दिल्ली न केवल जीडीपी के मामले में अव्वल है, बल्कि यहां पर प्रति व्यक्ति आय भी सबसे ज्यादा है। एनसीआर क्षेत्र (फरीदाबाद, गुड़गांव, नोएडा, गाजियाबाद) आदि में कई कंपनियां और फैक्ट्रियां हैं, जहां पर लोगों को बड़ी संख्या में रोजगार मिला हुआ है।
कामगारों का वेतन दस हजार रुपये से भी कम
स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया (एसडब्लूआई) की रिपोर्ट में सामने आया है कि देश में अधिकांश कामगारों का वेतन दस हजार रुपये प्रतिमाह से भी कम है। इसमें 82 प्रतिशत पुरुष और 92 फीसदी महिला कामगार शामिल हैं। पिछले डेढ़ दशक में अगर मेहनताने की बात करें तो उसमें सालाना तीन फीसदी या उससे ज्यादा की वृद्धि हुई है। अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय द्वारा मंगलवार को एसडब्लूआई रिपोर्ट जारी की गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी क्षेत्रों में मेहनताना सातवें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा अनुशंसित वेतन (18,000 रुपए प्रति माह) से काफी कम है। मेहनताने की तुलना में श्रमिक उत्पादकता कई गुना तेजी से बढ़ी है। परिणामस्वरूप नियोक्ताओं को श्रमिकों की तुलना में कहीं ज्यादा फायदा हुआ है। रोजगार कम पैदा हुए हैं। भारत आर्थिक विकास की उच्च दर को अच्छी नौकरियों में बदलने के लिए जूझ रहा है, खासकर अपने शिक्षित युवाओं के लिए। हालांकि, जाति और लैंगिक असमानताएं अभी तक कम नहीं हो सकी हैं।