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Biz Updates: भारत-ओमान के व्यापार मंत्रियों ने एफटीए पर चर्चा की, RBI ने बैंकिंग प्रणाली पर किया बड़ा एलान

Mon, 27 Jan 2025 06:18 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 27 Jan 2025 06:18 PM IST
सार

Biz Updates: भारत और ओमान के व्यापार मंत्रियों ने सोमवार को दोनों देशों के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की प्रगति की समीक्षा की और समझौते के लिए वार्ता को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। आइए इस बारे में और जानें।

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India, Oman trade ministers discuss to advance FTA negotiations
बिजनेस अपडेट्स - फोटो : amarujala.com

विस्तार

भारत और ओमान के व्यापार मंत्रियों ने सोमवार को दोनों देशों के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की प्रगति की समीक्षा की और समझौते के लिए वार्ता को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ओमान के वाणिज्य, उद्योग व निवेश प्रोत्साहन मंत्री कैस बिन मोहम्मद अल यूसुफ के बीच मस्कट में इस समझौते पर चर्चा हुई।

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गोयल ने कहा, "हमारी बातचीत व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत को आगे बढ़ाने, व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने तथा हमारी द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा करने के अवसरों की खोज पर केंद्रित थी।" 
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गोयल संयुक्त आयोग की बैठक के लिए मस्कट में हैं, जो 28 जनवरी को होगी। 14 जनवरी को भारत और ओमान ने समझौते के लिए पांचवें दौर की वार्ता की, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देना था। समझौते के लिए वार्ता, जिसे आधिकारिक तौर पर सीईपीए कहा जाता है, औपचारिक रूप से नवंबर 2023 में शुरू होगी।
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ऐसे समझौतों में, दो व्यापारिक साझेदार अपने बीच व्यापार की जाने वाली अधिकतम वस्तुओं पर सीमा शुल्क को या तो काफी कम कर देते हैं या खत्म कर देते हैं। वे सेवाओं में व्यापार को बढ़ावा देने और निवेश को आकर्षित करने के लिए मानदंडों को भी आसान बनाते हैं।

ओमान भारत के लिए खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों में तीसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है। भारत का पहले से ही जीसीसी के एक अन्य सदस्य यूएई के साथ ऐसा ही समझौता है जो मई 2022 में लागू हुआ। द्विपक्षीय व्यापार 2022-23 में 12.39 बिलियन अमरीकी डॉलर (निर्यात 4.47 बिलियन अमरीकी डॉलर और आयात 7.91 बिलियन अमरीकी डॉलर) से घटकर 2023-24 में 8.94 बिलियन अमरीकी डॉलर (निर्यात 4.42 बिलियन अमरीकी डॉलर और आयात 4.5 बिलियन अमरीकी डॉलर) हो गया है।

भारत के मुख्य आयात पेट्रोलियम उत्पाद और यूरिया हैं। आयात में इनकी हिस्सेदारी 70 प्रतिशत से अधिक है। अन्य प्रमुख उत्पाद प्रोपलीन और एथिलीन पॉलिमर, पेट कोक, जिप्सम, रसायन और लोहा तथा इस्पात हैं।

क्रेडिट कार्ड की संख्या पांच साल में दोगुनी बढ़कर 11 करोड़ के करीब

देश में क्रेडिट कार्ड जमकर जारी हो रहे हैं। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2024 तक पांच वर्षों में क्रेडिट कार्ड की संख्या दोगुनी से अधिक बढ़कर लगभग 10.80 करोड़ हो गई है। हालांकि, डेबिट कार्ड की संख्या स्थिर बनी हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2024 के अंत में 10.80 करोड़ क्रेडिट कार्ड थे। दिसंबर 2019 केवल 5.53 करोड़ कार्ड थे। इसके विपरीत, डेबिट कार्ड की संख्या दिसंबर 2019 में 80.53 करोड़ से मामूली वृद्धि के साथ दिसंबर 2024 में 99.09 करोड़ रही। देश में डिजिटल भुगतान पिछले दशक में तेजी से बढ़ा है। 2013 में 772 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 222 करोड़ डिजिटल लेनदेन हुए थे। 2024 तक इसका वॉल्यूम 94 गुना बढ़कर 20,787 करोड़ और मूल्य 3.5 गुना से अधिक बढ़कर 2,758 लाख करोड़ रुपये हो गया।

पिछले पांच वर्षों में भारत में डिजिटल भुगतान वॉल्यूम 6.7 गुना और मूल्य 1.6 गुना बढ़ा है। भारत में खुदरा डिजिटल भुगतान वित्त वर्ष 2012-13 में 162 करोड़ लेनदेन से बढ़कर 2023-24 में 16,416 करोड़ से अधिक हो गया। यानी 12 वर्षों में लगभग 100 गुना वृद्धि हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक यूपीआई को अन्य देशों की तेज भुगतान प्रणालियों से जोड़कर सीमा पार भुगतान को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।

आरबीआई ने बैंकिंग प्रणाली में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए उठाया बड़ा एलान
भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को कहा कि वह तीन किस्तों में 60,000 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी प्रतिभूतियां खरीदेगा और बैंकिंग प्रणाली में नकदी बढ़ाने के लिए कई अन्य कदम उठाएगा। 

बैंकों की लिक्विडिटी दुरुस्त करने के उपायों के तहत, केंद्रीय बैंक ने 31 जनवरी, 2025 को छह महीने की अवधि के लिए 5 बिलियन अमरीकी डॉलर की USD/INR खरीद/बिक्री स्वैप नीलामी की भी घोषणा की।


आरबीआई ने कहा कि कुल 60,000 करोड़ रुपये की राशि के लिए भारत सरकार की प्रतिभूतियों की खुले बाजार परिचालन (ओएमओ) खरीद नीलामी करेगा। यह खरीद 20,000 करोड़ रुपये की किस्त में  तीन चरणों में 30 जनवरी, 13 फरवरी और 20 फरवरी को होगी।

इसके अलावा, 50,000 करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि के लिए 56-दिवसीय परिवर्तनीय दर रेपो (वीआरआर) नीलामी 7 फरवरी को आयोजित की जाएगी।

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