Adani: भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर में 2.2 ट्रिलियन डॉलर निवेश की जरूरत, सीमेंट उद्योग की बड़ी भूमिका: करण अदाणी
सीमेंट उद्योग कंपनी एससी के चेयरमें ने कहा कि भारत की 2030 तक आर्थिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बुनियादी ढांचे में लगभग 2.2 ट्रिलियन डॉलर के निवेश की जरूरत है। इससे सीमेंट उद्योग को बहुत लाभ मिलेगा और इसका विस्तार होगा।
विस्तार
सीमेंट उद्योग आने वाले वर्षों में भारत के बुनियादी ढांचे के विकास में अहम भूमिका निभाने वाला है। एसोसिएटेड सीमेंट कंपनीज (एसीसी) के चेयरमैन करण अदाणी ने यह बात कही। उनके अनुसार साल 2030 तक बुनियादी ढांचे में अनुमानित 2.2 ट्रिलियन डॉलर के निवेश से इस क्षेत्र को काफी फायदा होगा।
कंपनी ने अप्रैल 2025 में 100 एमपीटीए उत्पाद लक्ष्य को किया हासिल
एसीसी अंबुजा सीमेंट का हिस्सा है। इसके पास अरबपति गौतम अदणी समूह का सीमेंट कारोबार है। कंपनी ने अप्रैल 2025 में 100 मिलियन टन सालाना (एमपीटीए) उत्पाद क्षमता का मुकाम हासिल किया है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027-28 तक 140 मिलियन टन सालाना उत्पाद क्षमता तक पहुंचना है। कंपनी की ताजा रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है।
देश की आर्थिक महत्वकांक्षाओं के लिए 2.2 ट्रिलियन डॉलर का निवेश जरूरी
करण अदाणी ने कहा कि भारत की 2030 तक आर्थिक महत्वाकांक्षाओं को साकार करने के लिए बुनियादी ढांचा क्षेत्र में लगभग 2.2 ट्रिलियन डॉलर के निवेश की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सीमेंट क्षेत्र महत्वपूर्ण विस्तार के लिए तैयार है। इसकी रणनीतिक प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए डिजाइन किया गया है।
एसीसी डिजिटलीकरण और स्थिरता को अपना रहा
एसीसी चेयरमैन ने आगे कहा कि अदाणी समूह ने बंदरगाहों, रेलवे और सड़क नेटवर्क सहित दूसरे बुनियादी ढांचे को बनाया है। इसमें एससी ने महत्वपूर्ण लागत दक्षता, सुव्यवस्थित संचालन और डिलीवरी गति हासिल की है। इसके अलावा, एसीसी डिजिटलीकरण और स्थिरता को भी अपना रहा है, परिचालन दक्षता बढ़ाने और ईएसजी लक्ष्यों की ओर बढ़ने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों के साथ काम कर रहा है।