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विनिर्माण क्षेत्र: कोरोना वायरस महामारी का असर, अगस्त में सुस्त हुईं गतिविधियां
Wed, 01 Sep 2021 03:22 PM IST
डिंपल अलावाधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Wed, 01 Sep 2021 03:22 PM IST
सार
अगस्त में इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स 52.3 अंक हो गया। 50 से अधिक अंक का अर्थ गतिविधियों में विस्तार होता है।
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विनिर्माण क्षेत्र
- फोटो : pixabay
विस्तार
अगस्त में आईएचएस मार्किट इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) 52.3 अंक हो गया। मासिक सर्वेक्षण के अनुसार इससे पिछले महीने जुलाई में यह 55.3 अंक पर था। दरअसल कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप और बढ़ती लागत की वजह से देश में मांग प्रभावित हुई है। इसके कारण अगस्त में सुस्ती देखने को मिली।
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विस्तार को दर्शाता है 50 से ऊपर का अंक
मालूम हो कि पीएमआई के तहत, 50 से अधिक अंक का अर्थ गतिविधियों में विस्तार होता है, वहीं 50 से नीचे का अंक संकुचन को दर्शाता है। इस संदर्भ में आईएचएस मार्किट में अर्थशास्त्र की संयुक्त निदेशक पोलीन्ना डी लीमा ने कहा कि, 'भारतीय विनिर्माण क्षेत्र में सुधार जारी रहा। हालांकि वृद्धि की रफ्तार में कमी आई। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान महामारी की वजह से मांग में कमी आई। साथ ही अनिश्चितता और खर्चों पर लगाम लगाने की कोशिश की वजह से इस दौरान रोजगार की स्थिति भी प्रभावित हुई।' लगातार दूसरे महीने अगस्त पीएमआई के आंकड़ों ने समग्र परिचालन स्थितियों में सुधार की ओर इशारा किया।
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मालूम हो कि जून में यह सूचकांक जुलाई 2020 के बाद पहली बार 50 अंक से नीचे गिर गया था। तब ताजा व्यापार आशावाद में कमी आई थी, साथ ही लोगों का बेरोजगारी का भी सामना करना पड़ा था।
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अप्रैल-जून तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र की 49.6 फीसदी रही वृद्धि दर
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 49.6 फीसदी रही, जो पिछले साल की समान अवधि में 36 फीसदी गिरा था। सबसे तेज वृद्धि निर्माण ने हासिल की, जो पिछले साल के 49.5 फीसदी गिरावट से उबरकर 68.3 फीसदी तेजी पर आ गया।
पटरी पर लौट रही अर्थव्यवस्था
कोरोना वायरस महामारी की दो लहरों का सामना कर चुके देश की अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ पटरी पर लौट रही है। मंगलवार को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी के आंकड़े जारी किए। मौजूदा वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून के आंकड़े बताते हैं कि जीडीपी विकास दर 20.1 फीसदी रही है। यह चीन से भी बेहतर आंकड़े हैं क्योंकि पहली तिमाही में चीन की विकास दर 7.9 फीसदी दर्ज की गई है। यानी यह माना जा सकता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था चीन के मुकाबले तेजी से सुधरी है।