फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   India kicked China out of the footwear market

Footwear Market: भारत ने फुटवियर बाजार से चीन को किया बाहर, बेहतर गुणवत्ता व कम कीमत की है बड़ी भूमिका

Mon, 17 Apr 2023 06:21 AM IST
Jeet Kumar शील भारद्वाज, बहादुरगढ़।
शील भारद्वाज, बहादुरगढ़। Published by: Jeet Kumar Updated Mon, 17 Apr 2023 06:21 AM IST
सार

करीब 25,000 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाला बहादुरगढ़ का फुटवियर उद्योग दुनियाभर के बाजारों में अपनी धाक रखता है। यहां एचएसआईआईडीसी की ओर से विकसित औद्योगिक क्षेत्र में ही करीब 20,000 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है।

विज्ञापन
India kicked China out of the footwear market
footwear - फोटो : instagram

विस्तार

भारत ने फुटवियर बाजार से चीन को बाहर कर दिया है। बहादुरगढ़ में बने जूते-चप्पल की इसमें बड़ी भूमिका है। वहां बने जूते-चप्पल अपनी बेहतर गुणवत्ता और कम कीमत के दम पर चीन निर्मित फुटवियर को भी मात दे रहे हैं। यही वजह है कि देश में चीन से फुटवियर आयात घटकर महज 5 फीसदी पर सिमट गया है, जो 10 साल पहले करीब 90 फीसदी हुआ करता था।

विज्ञापन


इतना ही नहीं, निर्यात में भी बहादुरगढ़ का फुटवियर उद्योग पीछे नहीं है। यहां से हर साल करीब 3,000 करोड़ रुपये के जूते-चप्पल निर्यात होते हैं। बहादुरगढ़ की 70 फीसदी जूता कंपनियां अपने माल का निर्यात करती हैं।
विज्ञापन


6,000 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों वाले बहादुरगढ़ में करीब 1,000 फुटवियर निर्माता हैं। यहां देश के पहले फुटवियर पार्क में ही 480 जूता उद्योग चलते हैं। जूतों की अपर सिलाई के साथ कई प्रकार के छोटे काम गली-कूचों और सूक्ष्म इकाइयों में होते हैं। एक्शन, रिलैक्सो, एरोबाक, एक्वालाइट, टुडे और सुमंगलम फुटवियर जैसे बड़े नाम भी बहादुरगढ़ की ही देन हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


25,000 करोड़ टर्नओवर, तीन लाख रोजगार
करीब 25,000 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाला बहादुरगढ़ का फुटवियर उद्योग दुनियाभर के बाजारों में अपनी धाक रखता है। यहां एचएसआईआईडीसी की ओर से विकसित औद्योगिक क्षेत्र में ही करीब 20,000 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। रोजगार मुहैया कराने में भी बहादुरगढ़ के फुटवियर उद्योग का बड़ा योगदान है। इन उद्योगों में 3 लाख से अधिक लोग काम करते हैं।

अलग से नहीं बनवाना पड़ता मोल्ड, इसलिए घटती है लागत
बहादुरगढ़ फुटवियर एसोसिएशन के महासचिव सुभाष जग्गा ने बताया कि भारत, अफ्रीका और खाड़ी देशों के लोगों के पांव की बनावट एक जैसी है। इसलिए, बहादुरगढ़ के फुटवियर निर्माताओं को सही फिटिंग वाले बढ़िया जूते बनाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होती। भारतीय उद्यमियों को लाखों करोड़ों रुपये खर्च करके अलग से मोल्ड नहीं बनवाने पड़ते, जिससे लागत घटती है। घरेलू बाजार के लिए बने माल का ही निर्यात कर दिया जाता है। इससे देश को अरबों रुपये का राजस्व मिलता है।

दुबई समेत 65 देशों में निर्यात
दुबई, ओमान, श्रीलंका, बांग्लादेश, कतर, केन्या, तंजानिया, युगांडा, इथोपिया, सोमालिया, रवांडा, दक्षिणी सूडान, जांबिया, मॉरीशस, जिम्बाब्वे, मलावी, सेशल्स, कोमोरूस, मयोते, कुवैत, अफगानिस्तान, सऊदी अरब, अबूधाबी, नाइजीरिया, अजमान और शारजाह सहित दुनिया के 65 देशों में बहादुरगढ़ के पीयू जूते, चप्पल एवं सैंडल का निर्यात होता है।


सरकार मदद करे तो मिलेंगे और बेहतर नतीजे
बहादुरगढ़ में रोज 25 लाख जोड़ी से अधिक जूते, चप्पल व सैंडल बनते हैं। सिर्फ यहां से प्रतिदिन 80 कंटेनर जूते निर्यात होते हैं। सरकार बुनियादी ढांचे को और विकसित करने में मदद करे तो हम बेहतर परिणाम दे सकते हैं। -नरिंदर छिकारा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, बहादुरगढ़ फुटवियर एसोसिएशन

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed