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World Bank: कोरोना से उबरकर मजबूत बना भारत, अजय बंगा बोले- कुछ महीनों की वैश्विक मंदी का देश पर नहीं होगा असर
Wed, 19 Jul 2023 04:37 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Wed, 19 Jul 2023 04:37 PM IST
सार
World Bank: विश्व बैंक के मुखिया अजय बंगा ने कहा है कि भारत ही नहीं दुनिया के ज्यादातर देशों में कोरोना महामारी के दौरान स्कूल बंद रहे। यह पूरी दुनिया में शिक्षा के क्षेत्र का नुकसान था। अगली किसी महामारी में भी हमें यह नुकसान नहीं झेलना पड़े उसके लिए हमें ढांचा तैयार करके रखना होगा।
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अजय बंगा
- फोटो : ANI
विस्तार
विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने कहा कि भारत कोरोना के दौर की चुनौतियों से मजबूत बनकर उभरा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती के दौर में वह कई ऐसे कदम उठा रहा है, जो उसे आगे रखने में मदद कर रहा है। हालांकि, भारत को यह रफ्तार बनाए रखने की जरूरत है।
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विश्व बैंक के शीर्ष पद पर पहुंचने वाले भारतीय मूल के पहले व्यक्ति बंगा ने कहा कि भारत के पक्ष में खास बात यह है कि इसके जीडीपी में बड़ा हिस्सा घरेलू मांग का है। इसलिए, भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर सुस्ती के बावजूद अपने घरेलू खपत की वजह से सुरक्षित है। यही खपत इसे प्राकृतिक सहारा प्रदान करती है।
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उन्होंने कहा, दुनिया में भले ही कुछ महीनों के लिए मंदी आ जाए, लेकिन भारत के पास इस तथ्य से प्राकृतिक सहारा है कि वह अधिक घरेलू खपत उन्मुख है। यानी जीडीपी में खपत की बड़ी भूमिका है। उच्च आय वाली नौकरियों में संभावित वृद्धि पर विश्व बैंक के अध्यक्ष ने कहा, हमें यह समझना होगा कि ये नौकरियां कहां पर हैं। ये नौकरियां प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हैं और बहुत कम संख्या में हैं। फिर, विनिर्माण क्षेत्र में ऐसी नौकरियां हैं।
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दुनिया में मंदी का अधिक जोखिम
अगले साल के शुरू में वैश्विक जीडीपी में मंदी आने का अधिक जोखिम है। फिर भी, तमाम चुनौतियों के बावजूद हमने जितना सोचा था, वैश्विक अर्थव्यवस्था ने उससे बेहतर किया है। -अजय बंगा अध्यक्ष, विश्व बैंक
अगली महामारी से पहले तैयार रहने की जरूरत
विश्व बैंक अध्यक्ष के रूप में पहली बार भारत यात्रा पर आए बंगा ने कहा कि महामारी के दौरान स्कूलों के बंद रहने से पढ़ाई-लिखाई का बहुत अधिक नुकसान हुआ है। इससे निपटना सिर्फ भारत की समस्या नहीं है, बल्कि दुनियाभर के लिए एक मुद्दा है। इसलिए, अगली महामारी से पहले ही एक मजबूत प्रणाली तैयार करने की जरूरत है ताकि ऐसी स्थिति पैदा होने से रोका जा सके।
स्कूलों के बंद रहने से भारी नुकसान
विश्व बैंक ने इससे पहले कहा था कि महामारी से भारत में स्कूलों के लंबे समय तक बंद रहने से पढ़ाई में नुकसान के अलावा देश की भावी कमाई में 400 अरब डॉलर की चपत लग सकती है।
चीन प्लस वन रणनीति का लाभ उठाने का मौका
विश्व बैंक अध्यक्ष ने कहा, भारत के सामने फिलहाल यह मौका है कि वह ‘चीन प्लस वन’ रणनीति का फायदा उठाए। चीन प्लस वन रणनीति का मतलब है कि दुनिया के विकसित देशों की कंपनियां अब अपने विनिर्माण केंद्र के रूप में चीन के साथ किसी अन्य देश को भी जोड़ना चाहती हैं। इसके लिए भारत भी एक संभावित दावेदार के तौर पर उभरकर सामने आया है।
- भारत को ध्यान रखना होगा कि इस रणनीति से मिलने वाला अवसर 10 वर्षों तक नहीं खुला रहेगा। यह तीन से पांच साल तक उपलब्ध रहने वाला मौका है।
- महामारी में चीन में विनिर्माण गतिविधियां ठप होने से आपूर्ति शृंखला प्रभावित हुई थी। तब से बहुराष्ट्रीय कंपनियां चीन का विकल्प तलाश रही हैं।
- बंगा की यह टिप्पणी भारत में माइक्रोन सहित अन्य अमेरिकी कंपनियों की हाल ही में की गई निवेश घोषणाओं के बाद आई है।