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Budget: 'कर का बोझ कम हो, पूंजीगत व्यय जारी रहे', वित्त मंत्री से बजट पूर्व बैठक में उद्योग जगत ने की ये अपील
Thu, 20 Jun 2024 08:12 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Thu, 20 Jun 2024 08:12 PM IST
सार
सीतारमण के साथ बजट पूर्व परामर्श बैठक के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और संघों ने सरकार से आर्थिक विकास की गति को बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित करने पर बल दिया।
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बजट पूर्व बैठक के दौरान वित्त मंत्री व अन्य
- फोटो : PTI
विस्तार
भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बजट 2024-25 में आम आदमी पर कर का बोझ कम करने, पूंजीगत व्यय जारी रखने तथा खाद्य मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के उपायों की घोषणा करने की अपील की।
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सीतारमण के साथ बजट पूर्व परामर्श बैठक के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और संघों ने सरकार से आर्थिक विकास की गति को बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित करने पर बल दिया।
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उद्योग के नेताओं ने एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया, इस क्षेत्र को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ और मुख्य रोजगार प्रदाता माना जाता है। उद्योग मंडल सीआईआई के अध्यक्ष संजीव पुरी ने वित्त मंत्री के समक्ष विचार के लिए आठ बिंदु रखे।
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इनमें आय स्लैब के निचले सिरे पर आयकर में राहत, उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) जैसी रोजगार प्रोत्साहन योजनाओं को सुव्यवस्थित करना और व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देना शामिल है। सीआईआई ने कृषि और ग्रामीण विकास के लिए भी सिफारिशें की हैं।
फिक्की की सिफारिशें पूंजीगत व्यय अभियान, नवाचार और कर सरलीकरण के आसपास केंद्रित थीं। बैठक के दौरान फिक्की के पूर्व अध्यक्ष शुभ्राकांत पांडा ने मांग को गति देने, बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देने, खाद्य मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने के लिए और उपाय करने, एमएसएमई को समर्थन देने के साथ नवाचार, अनुसंधान और विकास को प्राथमिकता देकर वृद्धि को गति देने की वकालत की।
पांडा ने कहा, ''आम बजट नई सरकार की पहली बड़ी सार्वजनिक नीति घोषणा है और इससे नीतिगत दिशा के संदर्भ में अगले पांच साल की दिशा तय होने की उम्मीद है।" संजय किर्लोस्कर (किर्लोस्कर ब्रदर्स के सीएमडी), आरती कृष्णा (सुंदरम फास्टनर्स के एमडी), विनोद अग्रवाल (सियाम के अध्यक्ष), नीरज अखौरी (सीमेंट एमएफआरएस एसोसिएशन के अध्यक्ष), संजय अग्रवाल (पीएचडी चैंबर के अध्यक्ष), समीर सोमैया (आईएमसी चैंबर के अध्यक्ष), शेफाली मिश्रा (बायोकॉन में उपाध्यक्ष), और यशपाल सच्चर (अशोक लीलैंड में उपाध्यक्ष) ने भी बजट से जुड़ी कई सिफारिशें वित्त मंत्री से की। पूर्ण बजट 2024-25 अगले महीने संसद में पेश किए जाने की उम्मीद है।
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