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चीन को एक और झटका, कुछ आयातित सामान पर पांच साल तक लगेगी एंटी डंपिंग ड्यूटी
Fri, 10 Jul 2020 01:21 PM IST
Tanuja Yadav
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Fri, 10 Jul 2020 01:21 PM IST
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आयात
- फोटो : pixabay
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भारत सरकार की ओर से चीन की 59 एप पर बैन लगाने के बाद सरकार ने चीन को एक और बड़ा झटका दिया है। भारत सरकार ने चीन से आयात होने वाले कुछ नाप लेने वाले टेप और पार्ट्स और कंपोनेंट पर पांच साल के लिए एंटी डंपिंग ड्यूटी लगा दी है। भारत चीन सीमा तनाव के बाद देश की जनता सरकार से चीनी सामान के बहिष्कार की मांग कर रही थी।
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चीन ने हमेशा से विश्व व्यापार संगठन और मुफ्त व्यापार एग्रीमेंट का फायदा उठाकर भारत को सस्ता और घटिया क्वालिटी का चीनी सामान डंप किया है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (डीजीटीआर) ने चीन से आयात होने वाले स्टील और फाइबर ग्लास मापने के टेप पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाई है।
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डीजीटीआर वाणिज्य मंत्रालय का इन्वेस्टिगेशन विंग है। डीजीटीआर का कहना है कि चीन की ओर से लगातार इस सामान को भारतीय बाजारों में डंप किया जा रहा है। डंपिंग की वजह से कीमत काफी कम हो जाती है और ये सामान भारतीय बाजार में आसानी से पैठ बना लेता है। इसलिए स्थानीय मैन्यूफैक्चर्स को बचाने के लिए एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने का फैसला किया गया है।
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डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू ने नोटिफिकेशन जारी कर कहा कि चीन से आयात होने वाले स्टील और फाइबर ग्लास के नाप लेने वाले टेप और उनके पार्ट और कंपोनेंट पर पांच साल के लिए एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाई जाएगी। कुछ कंपनियों पर यह ड्यूटी 137 रुपये प्रति किलोग्राम तो कुछ कंपनियों पर 192 रुपये प्रति किलोग्राम होगी।
नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह ड्यूटी इंडियन करेंसी यानी रुपये में चुकानी होगी। यह ड्यूटी पहली बार नौ जुलाई 2015 को पांच सालों के लिए लगाई गई थी। अब उसी को अगले पांच साल के लिए फिर से बढ़ा दिया गया है। अगर चाहे तो इसे समय से पहले हटा भी सकती है।
भारत में बने एसेसरीज में सारा कच्चा माल चीन से आता है। सबसे ज्यादा मांग बैटरी और एलसीडी की होती है और ये दोनों चीन से आती हैं। क्योंकि चीन की कंपनियां अच्छी फिनिशिंग देते हैं, इसलिए लोगों में वो काफी पसंद आती हैं।
देश के व्यापारियों के शीर्ष संगठन कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) त्योहारों को खास बनाने जा रहा है। कैट ने दावा किया कि आने वाले त्योहारों में चीनी सामानों का पूरी तरह से बहिष्कार किया जाएगा और भारतीय बाजार में घरेलू उत्पाद प्रचुर मात्रा में उपलब्ध रहेंगे।