FTA: 'भारत-ईयू एफटीए पर बातचीत जारी', वाणिज्य सचिव ने अमेरिका के साथ चल रहे व्यापार वार्ता क्या कहा जानिए
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत आगे बढ़ रही है और दोनों पक्ष मतभेदों को कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं। अग्रवाल ने अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ता पर भी कहा कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) टीम की हालिया यात्रा अहम रही है और दोनों देश एक साझा रूपरेखा के काफी करीब पहुंच चुके हैं।
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वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते को लेकर अहम बात कही। उन्होंने कहा कि हम मतभेदों को कम कर रहे हैं और अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष बैठकें होंगी।
अग्रवाल ने कहा कि हम अब तक लगभग 14 दौर की बातचीत कर चुके हैं। ईयू की टीम दिसंबर में पूरे एक सप्ताह तक यहां थी और दोनों पक्षों ने कई मुद्दों पर गहन चर्चा की। उन्होंने बताया कि करीब आने पर मतभेद सामने आते हैं। इसलिए, अब हम उन्हें कम करने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों पक्ष कई मुद्दों पर सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
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अमेरिका के साथ चल रहे व्यापार वार्ता को लेकर कहीं ये बात
सचिव ने अमेरिका के साथ चल रहे व्यापार वार्ता पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) टीम की हालिया यात्रा महत्वपूर्ण थी क्योंकि इससे हमारे व्यापारिक संबंधों का जायजा लेने में मदद मिली। हम रूपरेखा तैयार करने में बहुत करीब हैं। इसे संभवत: थोड़े समय में पूरा कर लिया जाएगा। मैं बातचीत समाप्त होने तक की कोई समयावधि नहीं बताऊंगा।
भारत और ओमान भी व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के लिए तैयार
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि भारत और ओमान मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार हैं। इस समझ उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17-18 दिसंबर को ओमान के दौरे पर हैं।
इस समझौते को पिछले सप्ताह केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, "भारत और ओमान जल्द ही समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार हैं।"
इस समझौते के लिए बातचीत, जिसे आधिकारिक तौर पर सीईपीए (व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता) कहा जाता है, नवंबर 2023 में औपचारिक रूप से शुरू हुई थी। वार्ता इस वर्ष समाप्त हो गई।
खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों में ओमान भारत के लिए तीसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है। भारत का जीसीसी के एक अन्य सदस्य देश, संयुक्त अरब अमीरात के साथ पहले से ही इसी तरह का समझौता है, जो मई 2022 में लागू हुआ था।