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Rice Export: भारत ने मलयेशिया को 2 लाख टन गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात की अनुमति दी, ये है कारण
Wed, 21 Aug 2024 04:19 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Wed, 21 Aug 2024 04:19 PM IST
सार
Rice Export: विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना जारी कर एनसीईएल के माध्यम से मलेशिया को 2,00,000 मीट्रिक टन गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात की अनुमति दी है।
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Rice Dishes
- फोटो : instagram
विस्तार
सरकार ने नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (एनसीईएल) के माध्यम से मलयेशिया को दो लाख टन गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात की अनुमति दी है। हालांकि घरेलू आपूर्ति को बढ़ावा देने के लिए 20 जुलाई, 2023 से गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, लेकिन अनुरोध पर कुछ देशों को उनकी खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार की अनुमति के आधार पर निर्यात की अनुमति है।
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विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा है, "एनसीईएल के माध्यम से मलेशिया को 2,00,000 मीट्रिक टन गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात की अनुमति है।"
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भारत ने पहले भी नेपाल, कैमरून, कोटे डी आइवर, गिनी, मलेशिया, फिलीपींस और सेशेल्स जैसे देशों को इन निर्यातों की अनुमति दी है। एनसीईएल एक बहु-राज्य सहकारी समिति है। इसे देश की कुछ अग्रणी सहकारी समितियों की ओर से संयुक्त रूप से बढ़ावा दिया जाता है। इन सहकारी समितियों में गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ (जीसीएमएमएफ) जिसे अमूल के नाम से जाना जाता है, भारतीय कृषक उर्वरक सहकारी लिमिटेड (इफको), कृषक भारती सहकारी लिमिटेड (कृभको) और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नेफेड) आदि शामिल हैं।
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