वैश्विक कंपनियों के विकास के लिए भारत बना चौथा सर्वश्रेष्ठ बाजार
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विश्वभर के सीईओ मानना है कि अमेरिका, चीन और जर्मनी के बाद भारत चौथा ऐसा देश है जहां वैश्विक कंपनियों के लिए आने वाले समय में बेहतर ग्रोथ की संभावना है। एक सर्वे के अनुसार, नौ फीसदी कंपनियों ने कहा है कि आने वाले समय में भारत में उनके लिए बेहतर अवसर है। विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक के दौरान पीडब्ल्यूसी (PwC) सीईओ के वार्षिक सर्वे में यह बात सामने आई।
सर्वे में शामिल सीईओ की राय है कि उनकी अपनी खुद की कंपनियों की संभावनाओं को लेकर आने वाले वर्ष इतने सकारात्मक नहीं हैं।
चीन और भारत की अर्थव्यवस्था पर सबसे ज्यादा भरोसा
2020 को राजस्व की नजर से देखने पर दुनिया भर के सीईओ ने चीन और भारत की अर्थव्यवस्था पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है। चीन के लिए 45 फीसदी और भारत के लिए 40 फीसदी ने उम्मीद जताई। इसके बाद अमेरिका 36 फीसदी, कनाडा 27 फीसदी, यूके 26 फीसदी, जर्मनी 20 फीसदी, फ्रांस 18 फीसदी और जापान के लिए 11 फीसदी को लगा कि यहां ग्रोथ की संभावना है।
इस मामले में 76वें स्थान पर भारत
साथ ही आपको बता दें कि भारत सामाजिक बदलाव के मामले में दुनिया के प्रमुख देशों में काफी पीछे छूटा हुआ है। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) द्वारा तैयार सामाजिक बदलाव सूचकांक में भारत 82 देशों में से 76वें नंबर पर रहा। डब्ल्यूईएफ की 50वीं वार्षिक बैठक से पहले यह सूचकांक जारी किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कामकाज जैसी कई कसौटियों पर भारत खरा नहीं उतर सका। इस सूची में पहले नंबर पर डेनमार्क है।
रिपोर्ट के मुताबिक अगर किसी देश के सामाजिक बदलाव में 10 प्रतिशत की भी बढ़ोतरी होती है, तो इससे उस देश की सामाजिक एकता मजबूत होगी। यही नहीं वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी 2030 तक करीब पांच फीसदी बढ़ोतरी हो सकती है। मगर रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ कुछ अर्थव्यवस्थाओं में ही ऐसी सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए सही परिस्थितियां हैं। अगर सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा दिया जाए तो सबसे ज्यादा लाभ चीन, अमेरिका, भारत, जापान और जर्मनी को हो सकता है।