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बैंकों के साथ जानकारियां साझा कर सकेगा आयकर विभाग
Wed, 02 Sep 2020 02:35 AM IST
Amit Mandal
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 02 Sep 2020 02:35 AM IST
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आयकर विभाग (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा है कि आयकर विभाग अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के साथ करदाताओं की जानकारियां साझा कर सकेगा। इससे कर्जदाताओं को अपने उपभोक्ताओं के विभिन्न भुगतानों पर टीडीएस तय करना आसान हो जाएगा।
सीबीडीटी ने 31 अगस्त को जारी नोटिफिकेशन में कहा, आरबीआई एक्ट 1934 की दूसरी अनुसूची की धारा 138 में शामिल बैंकों के साथ आयकर विभाग जानकारियां साझा कर सकेगा। यह धारा आयकर अधिकारियों को अन्य एजेंसियों के साथ करदाताओं की जानकारियां साझा करने की अनुमति देता है। बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि आयकर विभाग के इस कदम से बैंकों की तमाम मुश्किलें आसान हो जाएंगी।
उपभोक्ताओं के विभिन्न भुगतानों की जानकारी के अभाव में अभी बैंक टीडीएस की वास्तविक गणना नहीं कर पाते हैं। टीडीएस निर्धारण के समय बैंकों को कई तरह की आयकर संबंधी जानकारियों की जरूरत होती है, जो अब विभाग की तरफ से मिल जाएंगी। इसके अलावा बैंक ग्राहकों द्वारा दिए गए फॉर्म 15जी और 15एच का वार्षिक रिटर्न के साथ भी मिलान कर सकेंगे।
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सीबीडीटी ने 31 अगस्त को जारी नोटिफिकेशन में कहा, आरबीआई एक्ट 1934 की दूसरी अनुसूची की धारा 138 में शामिल बैंकों के साथ आयकर विभाग जानकारियां साझा कर सकेगा। यह धारा आयकर अधिकारियों को अन्य एजेंसियों के साथ करदाताओं की जानकारियां साझा करने की अनुमति देता है। बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि आयकर विभाग के इस कदम से बैंकों की तमाम मुश्किलें आसान हो जाएंगी।
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उपभोक्ताओं के विभिन्न भुगतानों की जानकारी के अभाव में अभी बैंक टीडीएस की वास्तविक गणना नहीं कर पाते हैं। टीडीएस निर्धारण के समय बैंकों को कई तरह की आयकर संबंधी जानकारियों की जरूरत होती है, जो अब विभाग की तरफ से मिल जाएंगी। इसके अलावा बैंक ग्राहकों द्वारा दिए गए फॉर्म 15जी और 15एच का वार्षिक रिटर्न के साथ भी मिलान कर सकेंगे।
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