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करदाताओं को मिल सकती है बड़ी राहत, चार साल से ज्यादा पुराने केस नहीं होंगे री-ओपन

Fri, 21 Jun 2019 04:08 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Fri, 21 Jun 2019 04:08 PM IST
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income tax department cannot open assesment case beyond four years time

आयकर विभाग जल्द ही ऐसे करदाताओं को राहत दे सकता है, जिनके केस उनके यहां चार साल से ज्यादा समय से चल रहे हैं। इस बारे में केंद्र सरकार पांच जुलाई को पेश होने वाले बजट में इसकी घोषणा कर सकती है। 

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अभी यह है नियम

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, फिलहाल आयकर विभाग एक लाख रुपये से कम वाले चार साल पुराने केस को दोबारा से खोल सकता है। वहीं एक लाख रुपये से ज्यादा की राशि वाले छह साल पुराने केस खोले जा सकते हैं। वहीं जिन मामलों में विदेशी संपत्ति जुड़ी होती है, उन केस को 15 साल तक खोला जा सकता है। 

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मिलेगी राहत

नया नियम लागू होने के बाद आम टैक्सपेयर्स को काफी राहत मिलेगी। हालांकि टैक्स में बड़ी धोखाधड़ी करने वालों के लिए छह साल तक की समय सीमा बनी रहेगी। इस नए नियम से टैक्सपेयर्स को तो राहत मिलेगी ही, साथ ही डिपार्टमेंट के ऊपर से भी भार कम होगा।

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कोई असेसिंग ऑफिसर किसी केस को तभी री-ओपन कर सकता है, जब टैक्सपेयर रिटर्न फाइल करने में नाकाम रहा हो या उसकी तरफ से असेसमेंट के लिए जरूरी सभी डॉक्युमेंट्स या सूचना या महत्वपूर्ण तथ्य ना मुहैया कराए गए हों।

वित्त मंत्रालय के पास गया प्रस्ताव

इसको लेकर के केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक प्रस्ताव वित्त मंत्रालय के पास भेजा है, जिस पर केंद्र सरकार बजट के दौरान घोषणा कर सकती है। इससे उन करदाताओं को राहत मिलेगी, जिनके केस आयकर विभाग ने दोबारा से खोल लिए हैं। 

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