IMF: आईएमएफ ने देशों को विदेशी मुद्रा भंडार बचाने की दी नसीहत, कहा- इनका विवेकपूर्ण इस्तेमाल हो
IMF की फर्स्ट डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर गीता गोपीनाथ और ग्लोबल लेंडिंग बॉडी के चीफ इकोनॉमिस्ट पियरे ओलिवियर गौरींचस के एक ब्लॉग पोस्ट में कहा गया है कि मंदी की आशंक के बीच नाजुक माहौल में लचीलापन बढ़ाना समझदारी है।
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आईएमएफ ने अमेरिकी डॉलर की मजबूती और भारतीय रुपये सहित अन्य प्रमुख मुद्राओं के कमजोर होने के बीच देशों से महत्वपूर्ण विदेशी भंडार को संरक्षित करने का आग्रह किया है। आईएमएफ के अनुसार भविष्य में संभावित रूप से खराब बहिर्वाह और उथल-पुथल से निपटने के लिए यह जरूरी है।
IMF की फर्स्ट डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर गीता गोपीनाथ और ग्लोबल लेंडिंग बॉडी के चीफ इकोनॉमिस्ट पियरे ओलिवियर गौरींचस के एक ब्लॉग पोस्ट में कहा गया है कि ऐसे नाजुक माहौल में लचीलापन बढ़ाना समझदारी है। उन्होंने कहा है कि हालांकि उभरते बाजार के केंद्रीय बैंकों ने हाल के वर्षों में डॉलर का भंडार किया है, जो पहले के संकटों से सीखे गए सबक को दर्शाता है। ये बफर सीमित हैं और इन्हें विवेकपूर्ण तरीके से इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
ब्लॉग पोस्ट में कहा गया है कि भविष्य में संभावित रूप से बदतर बहिर्वाह और उथल-पुथल से निपटने के लिए देशों को महत्वपूर्ण विदेशी भंडार को संरक्षित करना चाहिए। जो सक्षम हैं उन्हें उन्नत-अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंकों के साथ स्वैप लाइनों को बहाल करना चाहिए।
पोस्ट के अनुसार ठोस आर्थिक नीतियों वाले देशों को जहां मध्यम कमजोरियों को दूर करने की आवश्यकता है, भविष्य की तरलता की जरूरतों को पूरा करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की एहतियाती लाइनों का सक्रिय रूप से लाभ उठाना चाहिए।