सड़क पर पार्क की गाड़ी तो देना होगा जुर्माना, सरकार जल्द लेकर आ रही है नई पॉलिसी
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केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि जो मोटर वाहन मालिक अपना वाहन सड़कों पर पार्क करते हैं, उन पर जुर्माना लगाने के लिए सरकार एक नीति बना रही है। इसमें आम नागरिकों को भी सहभागी बनाया जाएगा और उन्हें दोषी द्वारा वसूले गए जुर्माने में से 10 फीसदी राशि प्रोत्साहन के रूप में दी जाएगी।
उद्योग संगठन फिक्की द्वारा सोमवार को यहां आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने बताया कि प्रस्तावित नियम में आम नागरिकों को भी अधिकार से लैस किया जाएगा। इसमें नागरिकों को सिर्फ इतना करना होगा कि सड़कों पर पार्क वाहन की फोटो खींच कर ट्रैफिक विभाग को भेज दें।
उसके बाद ट्रैफिक विभाग उस वाहन मालिक को जुर्माने का चालान भेजेगा। अच्छी बात यह है कि इस प्रक्रिया में जो नागरिक पुलिस विभाग की सहयोग करेगा, उसे जुर्माने की रकम में से प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
लंदन की तरह हो चुस्त प्रणाली
इस दौरान गडकरी ने बताया कि वह लंदन के सार्वजनिक परिवहन के साधनों से प्रभावित हैं। वहां सार्वजनिक परिवहन के लिए दो मंजिला इलेक्ट्रिक बसें चलती हैं, जो पर्यावरण को जरा भी नुकसान नहीं पहुंचाती हैं।
वह चाहते हैं कि भारत में भी इस तरह की बसें चलें और यहां भी लंदन की तरह चुस्त-दुरूस्त सार्वजनिक परिवहन प्रणाली हो। इसके लिए वह लंदन के प्रशासन से एक समझौते पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगले महीने ही लंदन के महापौर भारत की यात्रा पर आ रहे हैं। इसी दौरान उनकी लंदन के महापौर से मुलाकात होगी और एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया जाएगा।
धान की पराली से इथेनॉल बनाने की नीति पर भी हो रहा है काम
सरकार धान की पराली से इथेनॉल बनाने की नीति पर भी काम कर रही है। इस बारे में पेट्रोलियम मंत्रालय नीति बनाने के कार्य में जुटा है। उन्होंने बताया कि एक टन धान की पराली से 280 लीटर बायो इथेनॉल बनाया जा सकता है, जो किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी का जरिया बनेगा।
इससे पर्यावरण की तो रक्षा होगी ही, पे्ट्रोलियम पदार्थों के आयात में जो कीमती विदेशी मुद्रा खर्च होती है, उसमें भी बचत होगी। यही नहीं, धान की पराली से बायो सीएनजी भी बन सकती है। गडकरी के मुताबिक, भारत के लिए यह सब चीजें भले ही नई हो, लेकिन दुनिया के कई देशों में ऐसा हो रहा है।