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झारखंड के गांव से आती थी बैंक खातों को लिंक करने की फर्जी कॉल, पंजाब से भी जुड़े तार

Thu, 02 Aug 2018 04:40 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 02 Aug 2018 04:40 PM IST
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how this village in jharkhand cleaned bank accounts of people, police busted fake racket
साइबर अपराध

क्या आपके पास भी कभी ऐसा कोई फोन कॉल आया है, जिसमें बैंक खातों अथवा डेबिट/क्रेडिट कार्ड को आधार या फिर पैन कार्ड से लिंक कराने के लिए कहा गया और ऐसा नहीं करने पर खाते को बंद करने की धमकी दी गई हो? फिर आपने भी डर कर यह जानकारी उपलब्ध करा दी हो और इसके बाद आपका बैंक खाता पूरी तरह से साफ हो गया हो। अगर इन सब सवालों का जवाब हां हैं तो इसका पता चल गया है कि यह फर्जी फोन कॉल कहां से आते थे। 

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सात लोगों को किया पुलिस ने गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने इस पूरे गैंग का भंडाफोड़ करके सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से चार लोग झारखंड से और तीन पंजाब के लुधियाना व फतेहगढ़ साहिब से हैं। पुलिस ने कई लोगों द्वारा उनके बैंक खाते से इस तरह की कॉल आने के बाद पैसे निकाल लिए जाने की शिकायत पर यह कार्रवाई की। 
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इस गांव में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर

साइबर फ्रॉड के मामले में पूरे देश में कुख्यात झारखंड के जमात्रा गांव में एक फर्जी कॉल सेंटर के जरिए लोगों को करोड़ो रुपये का चूना लगाया गया था। फर्जी कॉल सेंटर के जरिए यह लोग दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू और चंडीगढ़ जैसे शहरों में रहने वालों को अपना निशाना बनाते थे।
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दिल्ली पुलिस में अतिरिक्त कमिश्नर (अपराध) डां ए के सिंगला ने बताया कि साइब सेल के डीसीपी भीष्म सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया था, जिसने मोहम्मद सलीम, मोहम्मद अब्दुल रहीम, मोहम्मद मुमताज अंसारी, जगननाथ मंडल, मजेर सिंह, वरिंदर सिंह और अभिषेक शर्मा को गिरफ्तार किया। 

ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा

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फर्जी कॉल सेंटर

यह लोग बैंक के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर के लोगों को फोन करते थे कि उनका कार्ड रिन्यू हो रहा है या फिर उसे आधार से लिंक किया जा रहा है। बैंक की डिटेल्स मिलने के बाद वो खाते से सारा पैसा निकाल लेते और उसे मोबाइल वॉलेट में ट्रांसफर कर देते थे।

मोबाइल वॉलेट चलाने के लिए भी फर्जी आईडी से फोन नंबर लिया जाता था, ताकि कोई पकड़ नहीं सके। मोबाइल वॉलेट से पैसा निकालने के बाद यह पैसा पंजाब की बैंक शाखा में मौजूद कैश डिपॉजिट मशीन से झारखंड में मौजूद खातों में जमा करा दिया जाता है। 

बरामद हुआ यह सामान

पुलिस ने कॉल सेंटर से 25 सेलफोन, 19 सिम कार्ड, 5 एटीएम कार्ड, 1 मॉडम, 1 राउटर, 1 हार्ड डिस्क और चार मेमोरी कार्ड बरामद किए हैं। इस फर्जी कॉल सेंटर को चलाने वाले मुख्य आरोपी मंडल ने बताया कि 2015 में उसने यह फर्जीवाड़ा शुरू किया था। इससे पहले वो कानपुर में एक आइसक्रीम फैक्ट्री में काम करता था। 

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