KYC: बैंक-बीमा से म्यूचुअल फंड तक में एक ही केवाईसी, HDFC का प्रस्ताव; समय और लागत को कम करने में मददगार
KYC: अभी ग्राहकों को हर बार बैंक खाता खोलने, म्यूचुअल फंड या स्टॉक में निवेश करने, इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के लिए बार-बार केवाईसी जमा करना पड़ता है। केंद्र ने समान केवाईसी नियमों पर सिफारिशों के लिए वित्त सचिव टीवी सोमनाथन की अगुवाई में विशेषज्ञ समिति बनाई है।
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बैंक, बीमा से लेकर म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय क्षेत्रों में अब एक ही केवाईसी लागू हो सकता है। इससे विभिन्न वित्तीय क्षेत्रों के साथ जुड़ते समय बार-बार केवाईसी देने की जरूरत नहीं होगी। वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद यानी एफएसडीसी ने वित्तीय क्षेत्र में एक समान केवाईसी प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव दिया है।
अभी ग्राहकों को हर बार बैंक खाता खोलने, म्यूचुअल फंड या स्टॉक में निवेश करने, इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के लिए बार-बार केवाईसी जमा करना पड़ता है। केंद्र ने समान केवाईसी नियमों पर सिफारिशों के लिए वित्त सचिव टीवी सोमनाथन की अगुवाई में विशेषज्ञ समिति बनाई है। इस प्रक्रिया के लागू होने से कागजी कार्रवाई, समय और लागत को कम करने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में एफएसडीसी ने एक समान केवाईसी सुविधा लाने और इसकी प्रक्रिया के डिजिटलीकरण को सरल बनाने का प्रस्ताव रखा था।
इस तरह एक समान केवाईसी करेगा काम
बचत खाता खोलने, म्यूचुअल फंड में निवेश करने व बीमा पॉलिसी खरीदने के लिए निवेशक को अलग-अलग केवाईसी दस्तावेज जमा करने के बजाय केवल एक बार सीकेवाईसीआर से जुड़ा केवाईसी विवरण देना होगा।
एक बार पंजीकरण की होगी जरूरत
नई प्रक्रिया के तहत एक बार केवाईसी दस्तावेज पंजीकृत हो जाने के बाद आपको एक सीकेवाईसी पहचान पत्र मिलेगा। यह आईडी प्रमाण के साथ 14 अंकों का नंबर होगा। जब आप किसी और जगह खाता खोलने या निवेश करने जाएंगे तो इस नंबर का उपयोग करके सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री (सीकेवाईसी) से आपका केवाईसी विवरण ले लिया जाएगा। यदि ग्राहक का केवाईसी रिकॉर्ड पहले से ही सीकेवाईसीआर के साथ पंजीकृत है, तो केवाईसी प्रक्रिया की जरूरत नहीं होगी।