आलू उगाने पर पेप्सीको ने किया मुकदमा, किसानों ने किया उत्पादों का बहिष्कार
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बहुराष्ट्रीय कंपनी पेप्सीको की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कंपनी के सभी उत्पादों का किसानों ने पूरी तरह से बहिष्कार करने का एलान किया है। इससे किसान पूरे राज्य में पेप्सीको के किसी भी उत्पाद को खरीदेंगे नहीं। वहीं किसानों ने फैसला किया है कि वो पेप्सीको के आगे झुकेंगे भी नहीं और मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाएंगे।
आलू उगाने से शुरू हुआ विवाद
गुजरात के किसानों ने पेप्सीको द्वारा उसके चिप्स में प्रयोग होने वाले आलू की किस्म का उत्पादन किया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद पेप्सीको ने नौ किसानों पर मुकदमा दायर कर दिया था। किसानों में आक्रोश को बढ़ता देख पेप्सीको ने मुकदमा वापस लेने के लिए शर्त रखी, जिसके बाद किसान और भड़क गए।
पेप्सी और लेज चिप्स जैसे उत्पाद बनाने वाली इस कंपनी का कहना है कि ये किसान जिस आलू को उगा रहे हैं, उसे उगाने का अधिकार सिर्फ उसके पास है।
यह रखी थी शर्त
पेप्सीको ने उन तीन किसानों से समझौता करने के लिए एक शर्त रखी थी। इसके मुताबिक किसान उनके आलू फार्मिंग प्रोग्राम के साथ जुड़ सकते हैं। इससे उन्हें ट्रेनिंग के अतिरिक्त आलू के लिए अच्छा दाम भी मिलेगा। वहीं अगर किसान उनके आलू फार्मिंग प्रोग्राम के साथ नहीं जुड़ते हैं तो उन्हें एक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करना होगा। ऐसा करने से इनके एफएल-2027 आलू उगाने पर रोक लग जाएगी।
किसानों ने लिया सामूहिक निर्णय
किसानों ने पेप्सीको के उत्पादों का बहिष्कार करने के लिए भारतीय किसान संघ की गुजरात ईकाई के बैनर तले सामूहिक निर्णय लिया है। किसानों ने पेप्सीको के खिलाफ बीज अधिकार मंच के तहत लड़ाई को आगे ले जाने का फैसला किया है।
किसानों का कहना है देश में भी कोई भी कंपनी किसान को किसी भी तरह के बीज का प्रयोग करने से मना नहीं कर सकती है। किसानों का कहना है कि पेप्सीको सभी नौ किसानों के ऊपर से मुकदमा वापस ले और उनको मानहानि भी दे।