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एकल व्यवस्था में निर्यातकों को अगस्त से जल्द मिलेगा जीएसटी रिफंड
Mon, 27 May 2019 05:52 AM IST
गौरव द्विवेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Mon, 27 May 2019 05:52 AM IST
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वित्त मंत्रालय निर्यातकों के लिए जीएसटी रिफंड की प्रक्रिया को आसान बनाने और इसमें तेजी लाने पर काम कर रहा है। एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि रिफंड की मंजूरी और इसकी प्रोसेसिंग के लिए एक ही व्यवस्था या प्राधिकरण बनाने पर काम चल रहा है। अगस्त से यह व्यवस्था लागू होने के बाद रिफंड में तेजी आएगी।
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वित्त मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था में केंद्र और राज्यों के कर अधिकारियों से रिफंड की मंजूरी लेनी होती है। इसकी वजह से पूरा रिफंड मिलने में काफी समय लगता है और निर्यातकों के सामने नकदी का संकट खड़ा हो जाता है। रिफंड प्रक्रिया में होने वाली इस देरी की समस्या को दूर करने के लिए ही एकल व्यवस्था का प्रस्ताव किया गया है। अगस्त से दो की जगह एक ही प्राधिकरण जीएसटी रिफंड की मंजूरी और उसके प्रसंस्करण का काम करेगा।
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एकल प्राधिकरण व्यवस्था के तहत, करदाता के राज्य या केंद्र के कर अधिकारी के समक्ष रिफंड का दावा करने के बाद अधिकारी इसकी जांच, मूल्यांकन कर पूरे रिफंड (केंद्र और राज्य दोनों की हिस्सेदारी) को मंजूरी देगा। बाद में आंतरिक खाता समायोजन के माध्यम से दोनों कर प्राधिकरण शेष राशि का समायोजन करेंगे।
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अभी मिलता है आधा रिफंड
वर्तमान में निर्यातकों की ओर से रिफंड का दावा करने पर केंद्रीय कर अधिकारी 50 प्रतिशत दावे का भुगतान कर देते हैं और बाकी बची राशि का भुगतान राज्य के कर अधिकारियों की जांच-पड़ताल के बाद किया जाता है। इसी तरह राज्य कर अधिकारियों के पास जीएसटी रिफंड का दावा करने पर भी इसी व्यवस्था का पालन किया जाता है। इससे निर्यातकों को आधी राशि ही मिलती है और इसमें समय भी काफी लगता है।