जीएसटी में मुनाफाखोरी पड़ेगी भारी, अफसर मारेंगे दुकान-फैक्ट्री में छापा
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अगर किसी कारोबारी या फिर दुकानदार ने जीएसटी में मुनाफाखोरी की तो फिर उसको अधिकारी सबूतों के साथ में पकड़ेंगे। जीएसटी अधिकारी ग्राहक बनकर दुकानों और फैक्ट्री में जाकर के इस बारे में पता लगाएंगे। मुनाफाखोरी का सबूत मिलने पर उक्त दुकानदार या फिर कारोबारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
बिल करेंगे चेक
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जीएसटी अधिकारी अपने क्षेत्र के 20 बड़े बीटूबी सप्लायर्स की पहचान करेंगे। इन सप्लायर्स की इनवॉयस की जांच की जाएगी। इसमें देखा जाएगा कि कर की दरों में कटौती का लाभ आगे दिया जा रहा है या नहीं। इसके अलावा कमिश्नर को अपने क्षेत्र में मुनाफाखोरी रोधी विशेष सेल बनाने की भी अनुमति होगी।
दर्ज होगा मुकदमा
जीएसटी अधिकारी को अगर लगा कि टैक्स ज्यादा वसूला जा रहा है, या फिर स्लैब घटने के बाद इसका फायदा ग्राहकों को नहीं दिया जा रहा है, तो फिर अधिकारी ऐसे दुकानदार या फिर कारोबारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करेंगे। जीएसटी अधिकारी कीमतों में बदलाव, टैक्स क्रेडिट की उपलब्धता, मॉक परचेज, एमआरपी स्टिकर की जांच आदि डाटा जुटाएंगे।
मुनाफाखोरी भी चोरी की तरह
अधिकारियों की माने तो मुनाफाखोरी भी एक तरह से चोरी है। कई बार टैक्स स्लैब में कमी के बाद इनपुट टैक्स क्रेडिट के मामले बढ़ जाते हैं। इतना ही नहीं देशभर में फर्जी ई-इनवॉयस की वजह से भी सरकार को नुकसान हो रहा है।