जीएसटी परिषद से मिली कारोबारियों को बड़ी राहत, अब साल में एक बार भरना होगा रिटर्न
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जीएसटी परिषद ने छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत देने की घोषणा की है। परिषद की 32वीं बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि छोटे कारोबारियों का जीएसटी के अंदर दायरे को बढ़ाया दिया गया है। वहीं सेवा देने वाले कारोबारियों को साल में केवल एक बार ही रिटर्न दाखिल करना होगा।
40 लाख रुपये हुई सीमा
इसके अलावा छोटे कारोबारियों की सीमा को 20 लाख रुपये से बढ़ाकर के 40 लाख रुपये कर दिया गया है। हालांकि इन कारोबारियों को हर तीन महीने पर टैक्स जमा करना होगा। यह इस साल की परिषद की पहली बैठक है।
FM Arun Jaitley after GST meet: Exemption limit for GST for those with a turnover up to 20 lakh has been increased to 40 lakhs. pic.twitter.com/ewrJn1onDy
— ANI (@ANI) January 10, 2019
कंपोजिशन स्कीम की बढ़ी सीमा
जीएसटी परिषद की बैठक में छोटे कारोबारियों को राहत देने पर सहमति बनी है। बैठक में कंपोजिशन स्कीम का दायरा बढ़ाने और जीएसटी की सीमा को लेकर कई बदलाव किए गए हैं। कंपोजिशन स्कीम का सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ कर दी गई है। यानी अब डेढ़ करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले निर्माता को इस स्कीम का फायदा मिलेगा। नया नियम 1 अप्रैल से लागू होगा।
FM Arun Jaitley after GST meet: Services and goods providers will get the benefit of composition tax https://t.co/Hfy3tDpzIe
— ANI (@ANI) January 10, 2019
कंपोजिशन स्कीम का दायरा बढ़ाने के अलावा एसएमई (सूक्ष्म और लघु उद्योग) को वार्षिक रिटर्न फाइल करने की छूट दे दी है। पहले हर तीसरे महीने रिटर्न भरना होता था। हालांकि इन्हें हर तिमाही टैक्स भरना होगा।