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Silver Hallmarking: चांदी के आभूषणों की हॉलमार्किंग अनिवार्य करने पर विचार कर रही सरकार, BIS को मिला यह काम
Mon, 06 Jan 2025 05:24 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 06 Jan 2025 05:24 PM IST
सार
Silver Hallmarking: खाद्य व उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) से उपभोक्ताओं की मांग को देखते हुए चांदी और चांदी से बनी कलाकृतियों के लिए अनिवार्य हॉलमार्किंग लागू करने पर विचार करने को कहा है। इस बारे में क्या अपडेट हैं, आइए जानें।
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प्रह्लाद जोशी
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
खाद्य व उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) से उपभोक्ताओं की मांग को देखते हुए चांदी और चांदी से बनी कलाकृतियों के लिए अनिवार्य हॉलमार्किंग लागू करने पर विचार करने को कहा। जोशी ने 78वें बीआईएस स्थापना दिवस समारोह में कहा, "उपभोक्ताओं की ओर से चांदी की अनिवार्य हॉलमार्किंग की मांग की जा रही है। आप (बीआईएस) इस पर विचार-विमर्श कर निर्णय ले सकते हैं।"
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मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं को बताया कि इस दिशा में काम शुरू हो चुका है और सरकार हितधारकों के साथ विचार-विमर्श और बीआईएस की ओर से व्यवहार्यता आकलन पूरा होने के बाद निर्णय लेगी।
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उन्होंने कहा, "मैंने बीआईएस से व्यवहार्यता पर काम करने और उपभोक्ताओं व आभूषण डीलरों से प्रतिक्रिया लेने को कहा है। हम सभी हितधारकों से परामर्श करेंगे और प्रक्रिया शुरू करेंगे।" चांदी की हॉलमार्किंग, जो सफेद धातु की शुद्धता को प्रमाणित करती है, वर्तमान में स्वैच्छिक है।
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बीआईएस के महानिदेशक प्रमोद कुमार तिवारी के अनुसार ब्यूरो तीन से छह महीने के भीतर अनिवार्य चांदी हॉलमार्किंग लागू करने के लिए तैयार हो सकता है। उन्होंने कहा कि हितधारकों के साथ विचार-विमर्श चल रहा है।
तिवारी ने कहा, "हितधारकों के साथ कई दौर की चर्चा हुई और वे इसके पक्ष में हैं। एक अद्वितीय छह अंकों वाला अल्फान्यूमेरिक कोड छापने पर चर्चा चल रही है।" यह कदम जून 2021 में शुरू की गई सोने की अनिवार्य हॉलमार्किंग के सफल कार्यान्वयन के बाद उठाया गया है, यह अब 361 जिलों में लागू है। मौजूदा प्रणाली में सोने की शुद्धता को प्रमाणित करने के लिए एक अद्वितीय छह-अंकीय अल्फान्यूमेरिक कोड (HUID) का इस्तेमाल किया जाता है।
मंत्री के अनुसार, अब खरीदे जा रहे आभूषणों में से लगभग 90 प्रतिशत हॉलमार्क वाले हैं। लॉन्च के बाद से अब तक 44.28 करोड़ से अधिक स्वर्ण आभूषणों को विशिष्ट पहचान के साथ हॉलमार्क किया जा चुका है। मंत्री ने कहा कि गुजरात, कर्नाटक और अन्य राज्यों के हितधारकों ने चांदी पर भी हॉलमार्किंग अनिवार्य करने का अनुरोध किया है।
1986 में बीआईएस अधिनियम के तहत स्थापित बीआईएस एक स्वायत्त राष्ट्रीय निकाय है जो उत्पादों और सेवाओं के लिए गुणवत्ता मानक निर्धारित करने के लिए जिम्मेदार है। आगामी फोकस क्षेत्रों को सूचीबद्ध करते हुए, मंत्री ने कहा कि बीआईएस कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के लिए भी मानक विकसित कर रहा है और नवाचार व प्रौद्योगिकी के भविष्य को आकार देने में सबसे आगे है।
उन्होंने कहा, "जब हम भविष्य की ओर देखते हैं, तो हमें याद रखना चाहिए कि हमारी यात्रा केवल अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने के लिए नहीं है, बल्कि नए मानक स्थापित करने के बारे में भी है। हम वैश्विक बाजार में केवल भागीदार नहीं हैं; हम गुणवत्ता की वैश्विक दुनिया में अग्रणी हैं।"
मंत्री ने इस कार्यक्रम में बीआईएस कॉमिक पुस्तकें, पुस्तकालय और पेंशनभोगी पोर्टल लॉन्च किए। कार्यक्रम में उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे और बीआईएस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।