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Tax: शीरे पर 50% निर्यात शुल्क, खाद्य तेल पर कम आयात शुल्क मार्च 2025 तक, कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स में कटौती
Tue, 16 Jan 2024 10:05 AM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 16 Jan 2024 10:05 AM IST
सार
Export and Import Tax: रिफाइंड सोयाबीन तेल और सूरजमुखी तेल पर मूल आयात शुल्क पिछले साल जून में 17.5 प्रतिशत से घटाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया गया था। भारत मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया से पाम तेल का आयात करता है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सरकार ने शराब उत्पादन के लिए कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल होने वाले गन्ने के सह-उत्पाद शीरे के निर्यात पर 18 जनवरी से 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि चीनी निकालने या रिफाइनिंग से प्राप्त शीरे पर 50 प्रतिशत निर्यात शुल्क लगेगा। एक अन्य अधिसूचना में, वित्त मंत्रालय ने कच्चे और परिष्कृत खाद्य तेलों पाम, सोयाबीन और सूरजमुखी के आयात पर मौजूदा रियायती शुल्क दरों को एक साल बढ़ाकर 31 मार्च, 2025 कर दिया है।
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रिफाइंड सोयाबीन तेल और सूरजमुखी तेल पर मूल आयात शुल्क पिछले साल जून में 17.5 प्रतिशत से घटाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया गया था। भारत मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया से पाम तेल का आयात करता है, और अर्जेंटीना से सोयाबीन सहित हल्के कच्चे तेल की थोड़ी मात्रा का आयात करता है। सूरजमुखी का तेल यूक्रेन और रूस से आयात किया जाता है।
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कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स में कटौती
सरकार ने घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर अप्रत्याशित लाभ कर को 2,300 रुपये प्रति टन से घटाकर 1,700 रुपये प्रति टन कर दिया है। कर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) के रूप में लगाया जाता है। सरकारी अधिसूचना के अनुसार डीजल, पेट्रोल और विमान ईंधन या एटीएफ के निर्यात पर एसएईडी को शून्य पर बरकरार रखा गया है। नई दरें 16 जनवरी से प्रभावी हो गई हैं। भारत ने पहली बार 1 जुलाई, 2022 को अप्रत्याशित लाभ कर लगाया था, और ऊर्जा कंपनियों के असाधारण मुनाफे पर कर लगाने वाले देशों की सूची में शामिल हो गया था। दो हफ्तों में तेल की औसत कीमतों के आधार पर हर पखवारे कर दरों की समीक्षा की जाती है।
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