Green Credit: सरकार ने ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम का मसौदा किया तैयार, पर्यावरण मंत्रालय ने बताया ये है लक्ष्य
Green Credit: ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य व्यक्तियों, किसान उत्पादक संगठनों, सहकारी समितियों, वानिकी उद्यमों, सतत कृषि उद्यमों, शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों, निजी क्षेत्रों, उद्योगों और संगठनों के लिए पर्यावरण से जुड़े सकारात्मक कार्य करने और ग्रीन क्रेडिट के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक बाजार आधारित तंत्र बनाना है।
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सरकार ने विभिन्न हितधारकों के स्वैच्छिक पर्यावरणीय कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम कार्यान्वयन नियम 2023 (Green Credit Programme Implementation Rules 2023) का मसौदा तैयार किया है। पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी एक अधिसूचना के अनुसार, ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम निजी क्षेत्र के उद्योगों और कंपनियों के साथ-साथ अन्य संस्थाओं को अपने मौजूदा दायित्वों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
पर्यावरण से जुड़े सकारात्मक कार्यों को बढ़ावा देना है उद्देश्य
ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य व्यक्तियों, किसान उत्पादक संगठनों, सहकारी समितियों, वानिकी उद्यमों, सतत कृषि उद्यमों, शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों, निजी क्षेत्रों, उद्योगों और संगठनों के लिए पर्यावरण से जुड़े सकारात्मक कार्य करने और ग्रीन क्रेडिट के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक बाजार आधारित तंत्र बनाना है। इस कार्यक्रम में पर्यावरण से जुड़े सकारात्मक कार्यों के लिए एक जन आंदोलन बनाने और "मिशन लाइफ" के दृष्टिकोण को साकार करने की भी परिकल्पना की गई है।
चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम
पर्यावरण मंत्रालय की ओर से कहा गया है, ''कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए एक चरणबद्ध और पुनरावृत्ति दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। शुरुआती (चरण) में सेक्टरों से दो से तीन गतिविधियां जैसे कार्यक्रम को डिजाइन और पायलट करने पर विचार किया जाएगा और फिर बाद के चरणों में चयनित क्षेत्रों से और अधिक गतिविधियों को जोड़ा जाएगा। अधिसूचना में कहा गया है कि ग्रीन क्रेडिट कई क्षेत्रों और संस्थाओं से उत्पन्न होंगे, जिनमें आम लोगों, किसान उत्पादक संगठनों, सहकारी समितियों, वानिकी उद्यमों और टिकाऊ कृषि उद्यमों से लेकर शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों, निजी क्षेत्रों, उद्योगों और संगठनों को जोड़ा जा रहा है।