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किसानों के हितों की रक्षा करेगी केंद्र सरकार, डेयरी उद्योग को दिया भरोसा

Thu, 19 Sep 2019 12:18 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Thu, 19 Sep 2019 12:18 PM IST
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government will take care of farmers and dairy industry RCEP pact

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने डेयरी उद्योग को भरोसा दिया है कि वह किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। डेयरी उद्योग ने रीजनल कांप्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप ( RCEP ) के बाद आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से डेयरी प्रोडक्ट के भारी मात्र में आयात होने की आशंका जताई है। नेशनल डेयरी डेवलेपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) समेत डेयरी उद्योग के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि इससे किसानों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचेगा। 

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कंपनियों ने जताई चिंता

इस संदर्भ में कंपनियों का कहना है कि आयात किए जाने वाले डेयरी उत्पादों की कीमत घरेलू उत्पादों की तुलना में काफी कम है। इसलिए भारत में आयातित डेयरी उत्पादों की भरमार हो जाएगी और इससे दूध की कीमतों में कमी आ सकती है, जिसका असर किसानों पर पड़ेगा। 

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आसियान के 10 सदस्य समेत 16 देशों के साथ प्रस्तावित इस समझौते की बातचीत में भारत सरकार किसानों का पूरा ध्यान रखेगी। आसियान के 10 सदस्यों में ब्रूनेई, इंडोनेशिया, कंबोडिया, मलयेशिया, म्यांमार, सिंगापुर, थाइलैंड, वियेतनाम, लाओस और फिलीपींस शामिल हैं। वहीं छह पार्टनर्स में चीन, जापान, भारत, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं। 

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डेयरी उत्पादों का सबसे बड़ा निर्यातक है न्यूजीलैंड 

बता दें कि न्यूजीलैंड दूध और डेयरी उत्पादों का दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्किम्ड मिल्क पाउडर का दाम 160 से 180 रुपये प्रति किलो है। लेकिन घरेलू बाजार में इसका दाम ज्यादा है। यहां स्किम्ड मिल्क पाउडर की कीमत 280 से 290 रुपये प्रति किलो है। 

किसानों को हो सकती है दिक्कत

मामले में अमूल की मार्केटिंग करने वाली कंपनी गुजरात मिल्क एंड मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीसीएफ) के एमडी आरएस सोढी ने कहा कि न्यूजीलैंड समेत डेयरी आयात को छूट मिलने पर देश में इसकी कीमत घट जाएगी। 



उनका कहना है कि न्यूजीलैंड के किसानों की पशुपालन लागत भारतीय किसानों के मुकाबले कम है। उनकी वहीं किसानों के पास बड़े चारागाह उपलब्ध हैं। लेकिन भारत में चारे की कीमत पिछले पांच छह महीने में ही 15 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 22 रुपये प्रति किलो हो चुकी है। 

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