{"_id":"5bb8a060867a5514c1146019","slug":"government-to-give-aadhaar-access-to-banks-telecom-companies-says-jaitely","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों, टेलीकॉम कंपनियों को जल्द मिलेगी आधार प्रयोग करने की अनुमतिः जेटली","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी ","slug":"business-diary"}}
बैंकों, टेलीकॉम कंपनियों को जल्द मिलेगी आधार प्रयोग करने की अनुमतिः जेटली
भाषा, नई दिल्ली
Updated Sat, 06 Oct 2018 05:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बैंकों व टेलीकॉम कंपनियों के लिए आधार का प्रयोग अवैध करने के बाद सरकार भी एक्शन में आ गई है। कंपनियों व बैंकों को सत्यापन में हो रही दिक्कतों के चलते वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि संसद से पारित कानून के जरिये मोबाइल फोन और बैंक खातों को आधार से जोड़ने की व्यवस्था को बहाल किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या सरकार इसके लिए नया कानून लाएगी।
विज्ञापन
उच्चतम न्यायालय ने पिछले महीने 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या आधार को संवैधानिक रूप से वैध ठहराया था। लेकिन टेलीकॉम कंपनियों जैसी निजी इकाइयों को सत्यापन के लिए आधार का इस्तेमाल करने से रोक दिया था।
विज्ञापन
जेटली ने कहा कि अदालत का फैसला ‘‘काफी अच्छा फैसला" है क्योंकि न्यायालय ने स्वीकार किया है कि आधार के पीछे सरकार का उद्देश्य वैधानिक है। वित्त मंत्री ने एचटी लीडरशिप समिट में कहा, आधार नागरिकता से जुड़ी पहचान नहीं है। बल्कि यह एक व्यवस्था है। लोगों को विभिन्न सरकारी सहायता और सब्सिडी उपलब्ध कराने की एक प्रणाली होनी चाहिये। यही आधार का मुख्य उद्देश्य है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि न्यायालय ने आधार के ज्यादातर उद्देश्यों को सही ठहराया है। आधार के जिन कामों को वैध नहीं ठहराया गया है वह दो श्रेणियों में आते हैं। जिनमें से एक अनुरूपता का सिद्धांत है कि आधार इन मामलों में मदद करेगा और उसके बाद इसे उचित कानून के तहत किया जायेगा।
जेटली ने कहा, सारा तर्क यह दिया जा है कि निजी कंपनियां इसका इस्तेमाल नहीं कर सकतीं हैं। इसमें धारा 57 है, जो यह कहती है कि आप दूसरों को कानूनी तरीके से या फिर अनुबंध के जरिये प्राधिकृत कर सकते हैं। जिसे निरस्त किया गया है वह अनुबंध के जरिये प्राधिकृत करने वाले हिस्से को निरस्त किया गया है। कानूनी प्रावधान से मोबाइल फोन और बैंकों खातों को आधार से जोड़ने की व्यवस्था को बहाल किया जा सकता है।
हालांकि, जेटली ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस उद्देश्य के लिए सरकार की संसद में कानून में संशोधन की कोई योजना है। न्यायालय ने आयकर जैसे कई क्षेत्रों में आधार के इस्तेमाल की अनुमति दी है।