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Congress: 'सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि कॉरपोरेट अधिग्रहण स्वतंत्र हो', जयराम रमेश का केंद्र पर कटाक्ष
Sat, 15 Jun 2024 03:40 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Sat, 15 Jun 2024 03:40 PM IST
सार
जयराम रमेश ने आगे बताया कि यह बढ़ता एकाधिकार भारत की अस्थिर आर्थिक वृद्धि, बेरोजगारी और मुद्रास्फीति से जुड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि कंपनियों का विस्तार होना चाहिए, लेकिन यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रतिस्पर्धा कम न हो।
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कांग्रेस नेता जयराम रमेश
- फोटो : ANI
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विस्तार
अदाणी समूह द्वारा पेन्ना सीमेंट्स का अधिग्रहण करने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रतिक्रिया दी। इसे लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने की सरकार की जिम्मेदारी है कि कॉरपोरेट्स के बीच प्रतिस्पर्धा कम न हो। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि कॉरपोरेट अधिग्रहण स्वतंत्र और निष्पक्ष होनी चाहिए।
जयराम रमेश ने कहा कि यह सुनिश्चित करना भी सरकार की जिम्मेदारी है कि राजनीतिक सत्ता से मिलने वाले अनुचित लाभ का प्रयोग न किया जाए। उनकी यह टिप्पणी अदाणी समूह द्वारा पेन्ना सीमेंट्स का अधिग्रहण करने के बाद आई।
कांग्रेस नेता ने कहा, "आप क्रोनोलॉजी समझिए: देश की दूसरी सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी बनने के लिए सितंबर 2022 में अदाणी ने अंबुजा सीमेंट का अधिग्रहण किया था। अगस्त 2023 में अदाणी ने सांघी इंडस्ट्रीज का अधिग्रहण किया और अब दक्षिण भारत के अंतिम शेष क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने के लिए पेन्ना सीमेंट्स का भी अधिग्रहण कर लिया।"
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उन्होंने आगे कहा, "अब अदाणी आने वाले दिनों में सौराष्ट्र सीमेंट, वदराज सीमेंट और जयप्रकाश एसोसिएट्स के सीमेंट व्यवसाय के अधिग्रहण की संभावना तलाश रहे हैं।' आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य का हवाल देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि मशहूर वित्तीय अर्थशास्त्री ने बताया था कि अदाणी समूह समेत पांच बड़े समूह सीमेंट और 40 अन्य क्षेत्रों में एकाधिकार बना रहे हैं।
जयराम रमेश ने आगे बताया कि यह बढ़ता एकाधिकार भारत की अस्थिर आर्थिक वृद्धि, बेरोजगारी और मुद्रास्फीति से जुड़ा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, "2015 में जब एक व्यक्ति किसी सामान पर 100 रुपये खर्च करता था तो 18 रुपये व्यवसाय के मालिक को लाभ के रूप में मिलता था। 2021 से मालिक को अब 36 रुपये लाभ के रूप में मिल रहा है।" कांग्रेस नेता ने कहा कि कंपनियों का विस्तार होना चाहिए, लेकिन यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रतिस्पर्धा कम न हो। अधिग्रहण स्वतंत्र और निष्पक्ष हो। इस दौरान सत्ता से मिलने वाले लाभ का प्रयोग न किया जाए।
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जयराम रमेश ने कहा कि यह सुनिश्चित करना भी सरकार की जिम्मेदारी है कि राजनीतिक सत्ता से मिलने वाले अनुचित लाभ का प्रयोग न किया जाए। उनकी यह टिप्पणी अदाणी समूह द्वारा पेन्ना सीमेंट्स का अधिग्रहण करने के बाद आई।
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कांग्रेस नेता ने कहा, "आप क्रोनोलॉजी समझिए: देश की दूसरी सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी बनने के लिए सितंबर 2022 में अदाणी ने अंबुजा सीमेंट का अधिग्रहण किया था। अगस्त 2023 में अदाणी ने सांघी इंडस्ट्रीज का अधिग्रहण किया और अब दक्षिण भारत के अंतिम शेष क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने के लिए पेन्ना सीमेंट्स का भी अधिग्रहण कर लिया।"
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उन्होंने आगे कहा, "अब अदाणी आने वाले दिनों में सौराष्ट्र सीमेंट, वदराज सीमेंट और जयप्रकाश एसोसिएट्स के सीमेंट व्यवसाय के अधिग्रहण की संभावना तलाश रहे हैं।' आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य का हवाल देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि मशहूर वित्तीय अर्थशास्त्री ने बताया था कि अदाणी समूह समेत पांच बड़े समूह सीमेंट और 40 अन्य क्षेत्रों में एकाधिकार बना रहे हैं।
जयराम रमेश ने आगे बताया कि यह बढ़ता एकाधिकार भारत की अस्थिर आर्थिक वृद्धि, बेरोजगारी और मुद्रास्फीति से जुड़ा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, "2015 में जब एक व्यक्ति किसी सामान पर 100 रुपये खर्च करता था तो 18 रुपये व्यवसाय के मालिक को लाभ के रूप में मिलता था। 2021 से मालिक को अब 36 रुपये लाभ के रूप में मिल रहा है।" कांग्रेस नेता ने कहा कि कंपनियों का विस्तार होना चाहिए, लेकिन यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रतिस्पर्धा कम न हो। अधिग्रहण स्वतंत्र और निष्पक्ष हो। इस दौरान सत्ता से मिलने वाले लाभ का प्रयोग न किया जाए।