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FSNL: अब सरकार ने शुरू की इस सरकारी कंपनी को बेचने की तैयारी, कीमत निर्धारण की प्रक्रिया हुई तेज
Fri, 12 Nov 2021 02:27 PM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Fri, 12 Nov 2021 02:27 PM IST
सार
केंद्र सरकार ने अब एक और सरकारी कंपनी को बेचने की तैयारी शुरू कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, फैरो स्क्रैप निगम लिमिटेड (FSNL) में विनिवेश की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। सरकार ने कंपनी की कीमत का सही आकलन लगाने के लिए एसेट वैल्यूयर को नियुक्त करने के लिए आवेदन मांगे हैं।
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FSNL Recruitment 2021
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
केंद्र सरकार ने अब एक और सरकारी कंपनी को बेचने की तैयारी शुरू कर दी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, फैरो स्क्रैप निगम लिमिटेड (FSNL) में विनिवेश की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। सरकार ने कंपनी की कीमत का सही आकलन लगाने के लिए एसेट वैल्यूयर को नियुक्त करने के लिए आवेदन मांगे हैं। गुरुवार से इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एफएसएनएल भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के अधीन आईएमएस प्रमाणित मिनी रत्न-2 श्रेणी की कंपनी है।
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एमएसटीसी की 100 फीसदी हिस्सेदारी
इस कंपनी में ई-कॉमर्स कंपनी एमएसटीसी की 100 फीसदी हिस्सेदारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, आवेदन की आखिरी तारीख छह दिसंबर निर्धारित की गई है। एसेट वैल्यूयर की नियुक्ति किए जाने के बाद टेक्निकल बिड खोली जाएगी। कहा गया है कि टेक्निकल बिड सात दिसंबर को खोली जाएगी। इसके बाद इसे बेचने के लिए न्यूनतम कीमत तय की जाएगी। कंपनी की कीमत का निर्धारण होने के बाद सरकार इसे बेचने के लिए एक न्यूनतम कीमत तय करेगी।
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घाटे में चल रही कंपनियों को बेच रही सरकार
दरअसल, सरकार घाटे में चल रही कंपनियों को बेच रही है और इन कंपनियों में अपना हिस्सा बेचकर जो रकम जुटाई जा रही है, उसे देश में चलाई जा रही अन्य योजनाओं पर खर्च किए जाने की तैयारी है। गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी इस बात को दोहरा चुकी हैं कि घाटे में चल रही सरकारी कंपनियों और कई बड़े प्लांट को सरकार बेच रही है, लेकिन यह कारोबार नहीं है बल्कि इनसे जुटाई गई रकम का उपयोग दूसरी योजनाओं पर खर्च की जाएगी।
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इन कंपनियों के निजीकरण की प्रक्रिया जारी
बता दें कि देश में बीपीसीएल, पवन हंस, बीईएमएल, शिपिंग कॉर्प ऑफ इंडिया (एससीआई), नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड और आरआईएनएल के निजीकरण की प्रक्रिया जारी है।