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WEF Survey: वर्ष 2023 में भी रहेगा मंदी का माहौल, सप्लाई चेन के विकेंद्रीकरण का लाभ भारत व बांग्लादेश को

Mon, 16 Jan 2023 05:42 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Mon, 16 Jan 2023 05:42 PM IST
सार

WEF Survey: चीफ इकोनॉमिस्ट्स आउटलुक सर्वे में इस बात का भी दावा किया गया है कि साउथ एशिया के कुछ देश जैसे भारत और बंग्लादेश को चीन के बाहर निर्माण और सप्लाई के विकेद्रीकरण से फायदा हो सकता है।

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Global recession likely in 2023; India may benefit from diversification of supply chains: WEF survey
WEF

विस्तार

वर्ष 2023 में भी वैश्विक मंदी का माहौल रह सकता है। इस दौरान खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा और महंगाई का अतरिक्त दबाव देखने को मिल सकता है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सर्वे में इस बात का दावा किया गया है। 

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चीफ इकोनॉमिस्ट्स आउटलुक सर्वे में इस बात का भी दावा किया गया है कि साउथ एशिया के कुछ देश जैसे भारत और बंग्लादेश को चीन के बाहर निर्माण और सप्लाई के विकेद्रीकरण से फायदा हो सकता है। डब्ल्यूईएफ ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर प्रमुख कंपनियां मंदी की आशंका के मद्देनजर अपने खर्चे में कटौती कर सकती है। 

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हालांकि दुनिया के प्रमुख अर्थशास्त्रियों ने इस सर्वे में महंगाई और कंपनियों की बैलेंस शीट पर सकारात्मक रुख रखा है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के प्रमुख अर्थशस्त्रियाके के अनुसार दुनिया में जारी जियोपॉलिटिकल टेंशन से अर्थव्यवस्थाएं 2023 में भी प्रभावित होंगी। अमेरिका और यूरोप में ब्याज दरों में और वृद्धि देखने को मिल सकती है। 

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लगभग दो तिहाई प्रमुख अर्थशास्त्रियों ने आशंका जताई है कि वर्ष 2023 में ग्लोबल मंदी जैसी स्थिति रह सकती है। इनमें से 18% ने मंदी के बारे में कहा है कि इसका असर सितंबर 2022 में लगाए गए अनुमानों की तुलना में दोगुना रह सकता है।


रिपोर्ट में कहा गया है, 'दो-तिहाई मुख्य अर्थशास्त्रियों ने 2023 में विश्वव्यापी मंदी की आशंका जताई है, ऐसे में वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चित स्थिति में है। डब्ल्यूईएफ की प्रबंध निदेशक सादिया जाहिदी ने कहा, 'मौजूदा उच्च मुद्रास्फीति, कम वृद्धि, उच्च ऋण और उच्च विखंडन वातावरण विकास के घटने का कारण है।

दुनिया के सबसे कमजोर लोगों के लिए जीवन स्तर बढ़ाने के लिए आवश्यक निवेश में इससे कमी आई है। वर्ल्ड लीडर्स को आज के संकटों से परे खाद्य और ऊर्जा नवाचार, शिक्षा व कौशल विकास और रोजगार पैदा करने वाले उच्च-क्षमता वाले बाजारों में निवेश करना चाहिए। यह निराश होने का समय नहीं है।


मोटे तौर पर मुख्य अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि वैश्विक परिदृश्य व्यवसायों के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा, 100 प्रतिशत उत्तरदाताओं को उम्मीद है कि वैश्विक भू-राजनीतिक रुझान नए भू-राजनीतिक दरारों और दोष रेखाओं के साथ वैश्विक आर्थिक गतिविधि के नक्शे को फिर से तैयार करना जारी रखेंगे। एक सकारात्मक संकेत यह है कि आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान से 2023 में व्यावसायिक गतिविधियों पर अत्यधिक दबाव की उम्मीद नहीं है।

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