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वैश्विक बाजार: दुनिया में बढ़ रही भारतीय चावल की धमक, बीआईआरसी के लिए 138 देशों से पंजीकरण; विस्तार खास क्यों?

Fri, 11 Sep 2026 05:34 AM IST
ज्योति भास्कर पूनम मेहता, नई दिल्ली।
पूनम मेहता, नई दिल्ली। Published by: ज्योति भास्कर Updated Fri, 11 Sep 2026 05:34 AM IST
सार

भारतीय चावल की धमक वैश्विक बाजार में बढ़ रही है। भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन (बीआईआरसी) के लिए 138 देशों से पंजीकरण हुए हैं। ये घटनाक्रम खास क्यों है? जानिए

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Global Market Indian rice popularity BIRC registrations from 138 countries why expansion significant
निर्यातकों का भी पंसदीदा केंद्र बन रहा भारत (सांकेतिक) - फोटो : Adobe stock

विस्तार

भारत अब सिर्फ चावल बेचने वाला देश नहीं, बल्कि निर्यातकों का भी पंसदीदा केंद्र बन रहा है। इसका संकेत 23 से 25 अक्तूबर को आयोजित होने वाले भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन (बीआईआरसी) से मिल रहा है। इस कार्यक्रम के लिए 138 देशों के 3,317 खरीदार पंजीकरण करा चुके हैं। इसमें खाड़ी देशों के 145 प्रतिनिधि हैं। भारतीय चावल की इस लोकप्रियता की वजह भारत की विक्रय नीति में रणनीतिक बदलाव है। लगभग 6,000 किस्मों की विविधता और रिकॉर्ड उत्पादन के दम पर भारत ने वैश्विक बाजार में अपनी गहरी धमक स्थापित कर ली है।

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विश्व कृषि विभाग के अनुसार, फसल वर्ष 2025-26 में भारत का चावल उत्पादन 15.40 करोड़ टन के सर्वकालिक उच्च स्तर पर है, जो चीन 14.60 करोड़ टन से अधिक है। वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी करीब 40 % है। भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक है। दुनिया का 28 फीसदी चावल भारत में पैदा हो रहा है। इस तरह से भारत का चावल निर्यात में भी दबदबा कायम है। अंतरराष्ट्रीय अनाज परिषद के मुताबिक भारत 2.34 करोड़ टन चावल का निर्यात करेगा।  
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ये भी पढ़ें- बीआइआरसी 2026: क्या दुनिया में बढ़ी भारत के चावल की मांग? 138 देशों के खरीदारों ने आयोजन के लिए कराया पंजीकरण
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चार माह में 47.9 लाख टन चावल का निर्यात  
भारतीय चावल निर्यातक महासंघ के अनुसार, नवंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच 26 प्राथमिकता वाले बाजारों में निर्यात 23,476 करोड़ रुपये और 47.9 लाख टन रहा। यह पिछले तीन वर्षों के औसत से मूल्य में 1.1 प्रतिशत और मात्रा में 5.6 प्रतिशत अधिक है। सबसे तेज वृद्धि खाड़ी और यूरोप से हुई है। यूएई को निर्यात मूल्य में 65% और मात्रा में 64 % की बढ़ोत्तरी हुई।

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