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GE: भारत के सैन्य विमानों का जेट इंजन बनाएगी ये अमेरिकी कंपनी, रिपोर्ट में किया गया दावा
Thu, 01 Jun 2023 10:19 AM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Thu, 01 Jun 2023 10:19 AM IST
सार
अमेरिका दक्षिण एशिया में चीन के प्रभुत्व का मुकाबला करने के लिए भारत के साथ संबंधों को गहरा करना चाहता है। हालांकि, चीन ने सरकारी मुखपत्र 'द ग्लोबल टाइम्स' में हाल ही में एक लेख में भारत से पश्चिमी देशों, विशेष रूप से अमेरिका की ओर से देश के शोषण और चीन के खिलाफ भारत को खड़ा करने के बारे में सतर्क रहने को कहा था।
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फाइटर जेट
- फोटो : Indian Air Force
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विस्तार
जनरल इलेक्ट्रिक (GE) कथित तौर पर भारतीय सैन्य विमानों को शक्ति देने के लिए जेट इंजन का उत्पादन करने के लिए तैयार है। इस समझौते पर बाइडन प्रशासन की ओर से हस्ताक्षर और घोषणा की जानी है। उम्मीद है कि यह घोषणा राष्ट्रपति जो बाइडन 22 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधिकारिक राजकीय यात्रा के दौरान कर सकते हैं।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार व्हाइट हाउस ने जनवरी में कहा था कि उसे भारत में संयुक्त रूप से इंजन का उत्पादन करने के लिए एक आवेदन मिला है, हालांकि इसकी पुष्टि अब तक नहीं हुई है। जीई ने भी इस पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।
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अमेरिका दक्षिण एशिया में चीन के प्रभुत्व का मुकाबला करने के लिए भारत के साथ संबंधों को गहरा करना चाहता है। हालांकि, चीन ने सरकारी मुखपत्र 'द ग्लोबल टाइम्स' में हाल ही में एक लेख में भारत से पश्चिमी देशों, विशेष रूप से अमेरिका की ओर से देश के शोषण और चीन के खिलाफ भारत को खड़ा करने के बारे में सतर्क रहने को कहा था।
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इस बीच, सार्वजनिक क्षेत्र की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने पहले कहा था कि वह दूसरी पीढ़ी के हल्के लड़ाकू विमानों में जीई-निर्मित 414 इंजन का उपयोग करने की योजना बना रही है और यह उन इंजनों के घरेलू उत्पादन पर बातचीत कर रही है। जीई ने अपने लाइसेंस प्राप्त निर्माता के रूप में इंजनों का उत्पादन करने के लिए एचएएल को कुछ प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की पेशकश की है। दूसरी ओर, भारत और अधिक प्रौद्योगिकी साझा करने पर जोर दे रहा है। हालांकि, सौदे को अंतिम रूप नहीं दिया गया है और इसके लिए अमेरिकी कांग्रेस को अधिसूचना जारी करने की आवश्यकता है।
एचएएल भारतीय वायु सेना के लिए बनाए जा रहे 83 हल्के लड़ाकू विमानों के लिए हल्के जीई इंजन का उपयोग कर रहा है। हालांकि, भारत अगले दो दशकों में अपनी वायु सेना और नौसेना के लिए 350 से अधिक लड़ाकू विमानों का उत्पादन करने का इरादा रखता है, जो जीई 414 से लैस हो सकते हैं।