{"_id":"61a617994342663afd226dd0","slug":"gdp-stood-at-8-4-percent-in-second-quarter-growth-rate-increased-in-eight-core-sectors","type":"story","status":"publish","title_hn":"GDP Growth: दूसरी तिमाही में जीडीपी 8.4 फीसदी रही, आठ कोर सेक्टर में विकास दर बढ़ी","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
GDP Growth: दूसरी तिमाही में जीडीपी 8.4 फीसदी रही, आठ कोर सेक्टर में विकास दर बढ़ी
Tue, 30 Nov 2021 07:41 PM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Tue, 30 Nov 2021 07:41 PM IST
सार
GDP Growth In India: आंकड़ों के अनुसार, दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी 8.4 फीसदी की दर से बढ़ी है। कोर सेक्टर की अगर बात करें तो आठ कोर सेक्टर में विकास दर में इजाफा हुआ है।
विज्ञापन
gdp
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सरकार की ओर से दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। इनके मुताबिक, जुलाई सितंबर तिमाही की विकास दर में बढ़ोतरी देखने को मिली है। आंकड़ों के अनुसार, दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी 8.4 फीसदी की दर से बढ़ी है। कोर सेक्टर की अगर बात करें तो आठ कोर सेक्टर में विकास दर में इजाफा हुआ है। इनकी विकास दर अक्तूबर में 7.5 फीसदी की गति से आगे बढ़ी है।
विज्ञापन
बीते वित्त वर्ष -7.4 फीसदी रही थी जीडीपी ग्रोथ
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी किए गए आंकड़ों को देखें तो जीडीपी ग्रोथ में एक फीसदी का इजाफा हुआ है। वित्त वर्ष 2020-21 की जुलाई-सितंबर तिमाही में देश की जीडीपी -7.4 फीसदी रही थी। इससे पहले जून तिमाही में भारत की जीडीपी सबसे तेज दर के साथ बढ़ी थी। इस दौरान जीडीपी की 20.1 फीसदी की दर से बढ़ी थी।
विज्ञापन
राजकोषीय घाटा लक्ष्य का 36.3 फीसदी रहा
अप्रैल-अक्तूबर के दौरान राजकोषीय घाटा पूरे साल के लक्ष्य के 36.3 फीसदी पर रहा है। कुल टैक्स रिसिप्ट 10.53 लाख करोड़ रुपये रहा है, जबकि कुल खर्च 18.27 लाख करोड़ रुपये रहा है। बता दें कि सरकार ने इस साल राजकोषीय घाटा 6.8 फीसदी पर रहने का अनुमान लगाया था।
विज्ञापन
चीन से बेहतर रही है भारत की स्थिति: सीईए
उधर, देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) डॉ. कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने कहा कि फॉर्मल सेक्टर कोविड संकट के बाद तेजी से उभरा है, जबकि इस पर महामारी का खासा असर पड़ा था। इसके उत्पादन की प्रकृति बताती है कि यह कम प्रभावित रहेगा। ईसीए ने कहा कि वित्तीय क्षेत्र पहले से अधिक मजबूत होकर उभरा है और उत्पादन क्षेत्र दिखाता है कि इस दशक में भारत तेज रफ्तार से वृद्धि करेगा। उन्होंने कहा कि साल 2015 से 2019 के बीच कुल उत्पादन लागत, कारोबारी निर्यात और विनिर्मित वस्तुओं के निर्यात में भारत की सकल वार्षिक वृद्धि चीन से अधिक रही है।