मोदी सरकार को लग सकता है झटका, आरबीआई ने घटाया GDP का अनुमान
शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए जीडीपी का अनुमान 6.9 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया है। वहीं वित्त वर्ष 2020-21 के लिए जीडीपी का अनुमान 7.2 फीसदी कर दिया है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। इससे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पांच ट्रिलियन यानी 50 खरब इकोनॉमी बनने की कवायद को झटका लग सकता है।
पिछली बैठक में आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी का अनुमान सात फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी किया था।
लग सकता है झटका
विकास दर को घटाने के अनुमान से केंद्र सरकार की देश को 50 खरब इकोनॉमी बनाने की कवायद को भी झटका लग सकता है। अगर अर्थव्यवस्था में मंदी का दौर देखने को या फिर धीमी रफ्तार रहेगी तो इसका असर भविष्य में भी देखने को मिलेगा। फिलहाल देश में कई सेक्टरों में उत्पादन लगभग ठप हो गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि लोग पुराने स्टॉक को भी नहीं खरीद रहे हैं। 50 खरब अर्थव्यवस्था बनाने के लिए विकास दर में तेजी रखने के लिए कोशिशों को जारी रखना होगा।
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IMF ने भी घटाया था विकास दर का अनुमान
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ( IMF ) ने भी वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को घटाया था। आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2019-20 में आर्थिक विकास दर सात रहने की उम्मीद जताई है। इसमें 0.30 फीसदी की कटौती की गई है। इस संदर्भ में आईएमएफ ने कहा था कि कॉर्पोरेट और रेग्युलेटरी अनिश्चितताओं और कुछ गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं की कमजोरी के कारण भारत की आर्थिक विकास दर अनुमान से अधिक कमजोर हुई।
एडीबी ने भी की थी कटौती
इतना ही नहीं, एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने भी वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भारत के विकास अनुमान में भारी कटौती करते हुए 6.5 फीसदी कर दिया था। एडीबी ने एशियाई विकास परिदृश्य (एडीओ) 2019 अपडेट में कहा था कि, ‘पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में विकास दर घटकर पांच फीसदी पर आने के बाद वित्त वर्ष के लिए भारत का जीडीपी विकास अनुमान घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया गया है।’