कोरोनावायरस: मोदी सरकार के लॉकडाउन पर क्या बोले पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन?
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कोरोनावायरस के लगातार बढ़ते मामले को देखते हुए केंद्र सरकार ने पूरे देशभर में लॉक-डाउन कर दिया है। इसके चलते चुनिंदा सेक्टर को छोड़ कर सभी कारोबार ठप्प हो चुके हैं। ऐसे में अब इस मामले पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने अपनी राय दी है। राजन ने कोरोना को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन को पर्याप्त नहीं बताया है। रघुराम राजन ने लॉकडाउन को एक गंभीर समस्या बताया है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से आप लोगों को घरों में रोक सकते हैं। ऐसे में देश में कई ऐसी जगहें हैं जो लोग पास-पास रहते हैं जैसे कि झुग्गी-झोपड़ी। ऐसे में खतरा बना हुआ है।
पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि लॉकडाउन से गरीब लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ जाएंगी। केंद्र सरकार की तरफ से किए गए 21 दिनों के लॉकडाउन से देश की अर्थव्यवस्था को काफी बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की वजह से लोगों को घरों में रहना पड़ रहा है, जिससे भोजन और दवाओं जैसी जरूरी समस्याएं लोगों के सामने खड़ी हो गई हैं।
रघुराम राजन ने एक साक्षात्कार में कहा है कि कोरोनावायरस महामारी को रोकने में सरकार के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं। इनमें सबसे बड़ी परेशानी जो सरकार के सामने आएगी वो है बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर की। इस दौरान उन्होंने सलाह भी दी है कि इस संकट की घड़ी में सरकार को तमाम संसाधनों का इस्तेमाल करना चाहिए जिसके चलते इस महामारी को फैलने से रोका जा सके।
कोरोनावायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिए सबसे पहले सरकार ने जनता कर्फ्यू लगाया था। हालांकि, इसके बाद प्रधानमंत्री ने पूरे देश को संबोधित करते हुए 21 दिनों के लिए संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर दी। ऐसे में गरीब लोगों के लिए लगातार चिंता जाहीर की जा रही था। ऐसे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवाल को प्रेस कॉन्फ्रेंस में लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए बड़े एलान किए। उन्होंने एक लाख 70 हजार करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की।